National

CM नीतीश कुमार की जेब में दिल्ली की सत्ता की चाबी! क्यों हो रही इस बात की चर्चा?

नईदिल्ली । लोकसभा चुनाव की तस्वीर साफ हो चुकी है. बीजेपी अकेले बहुमत से दूर है. ऐसे में नई सरकार में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और टीडीपी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू की भूमिका अहम हो गई है. विपक्षी पार्टियां दोनों नेताओं पर डोरे डाल रही हैं.

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने नीतीश कुमार से संपर्क करने की कोशिश शुरू कर दी है. इसकी ताकीद महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और इंडिया गठबंधन में शामिल उद्धव ठाकरे ने भी की. उन्होंने महाराष्ट्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद कहा, ”कांग्रेस की तरफ से नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू से बातचीत जारी है.” खबरें ये भी आई की शरद पवार ने नीतीश कुमार से बात की. हालांकि शरद पवार ने इन दावों को खारिज कर दिया. 

इंडिया गठबंधन की बैठक

इंडिया गठबंधन के नेताओं की बुधवार (5 जून) को बैठक होने वाली है और इसमें सरकार बनाने की संभावना तलाशी जाएगी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा, ”हम सहयोगियों के साथ आज बैठक करेंगे और चर्चा करेंगे.” इंडिया गठबंधन की बैठक के लिए दिल्ली आ रहे अखिलेश यादव राष्ट्रीय राजधानी में ही नीतीश कुमार से मुलाकात कर सकते हैं. उन्हें नीतीश कुमार को साधने की जिम्मेदारी दी गई है.

विपक्षी दलों की कोशिशों के बीच जेडीयू ने साफ किया है कि नीतीश कुमार एनडीए के साथ हैं. केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार हाल ही में प्रधानमंत्री से मिलकर लौटे हैं, हम एनडीए में बनें रहेंगे.

क्यों नीतीश कुमार की हो रही चर्चा?

दरअसल, नीतीश कुमार ने ही लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं को एक मंच पर लाने में सेतु का काम किया था. इंडिया गठबंधन की पहली बैठक भी उन्हीं ही अगुवाई में पटना में हुई थी. हालांकि बाद में नीतीश कुमार के रिश्ते इंडिया गठबंधन से खराब हो गए और उन्होंने अपना रास्ता अलग कर लिया. एनडीए में शामिल हो गए. इस घटनाक्रम में बिहार में महागठबंधन की सरकार गिर गई.

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार ने पीएम मोदी की मौजूदगी में मंच से ऐलान किया कि वो अब पाला नहीं बदलेंगे, एनडीए के साथ ही रहेंगे. अब चुनाव हो चुके हैं और जेडीयू और बीजेपी बराबर सीटें जीतती दिख रही है. रात 10 बजे तक के रुझानों के मुताबिक, जेडीयू 11 सीटें जीत चुकी है और एक पर आगे है. वहीं बीजेपी 10 जीत चुकी है और दो पर आगे है. ऐसे में नीतीश कुमार की भूमिका अहम हो जाती है.इस बात की तस्दीक और पुख्ता तब हो जाती है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हैं और अपने इस संबोधन में बिहार में मिली जीत का श्रेय नीतीश कुमार को देते हैं. ऐसे में साफ है कि आने वाले समय में नीतीश कुमार की भूमिका और अहम होनी तय है.

इंडिया गठबंधन का हाल
इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिलती दिख रही है. सरकार बनाने के लिए 272 सीटों की जरूरत होती है. बीजेपी गठबंधन को 292 सीटें मिलती दिख रही है. ये बीजेपी के लिए झटका माना जा रहा है. 

Related Articles

Back to top button