Chhattisgarh

CGPSC 2018 की टॉपर अनिता सोनी का आकस्मिक निधन, प्रदेश भर में शोक की लहर

रायपुर, 03 फरवरी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) राज्य सेवा परीक्षा 2018 की टॉपर रहीं राज्य वित्त सेवा की अधिकारी सुश्री अनिता सोनी के आकस्मिक निधन की खबर से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। एक अत्यंत काबिल, मेहनती और ईमानदार अधिकारी के रूप में पहचान बनाने वाली अनिता सोनी के असामयिक निधन से न केवल उनका परिवार, बल्कि प्रशासनिक, शैक्षणिक जगत और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं में गहरा शोक व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनिता सोनी इन दिनों अध्ययन अवकाश (स्टडी लीव) पर थीं और फरीदाबाद में पढ़ाई कर रही थीं। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हुई और उन्हें पीलिया हो गया। इलाज के लिए उन्हें फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। बीते लगभग 50 दिनों से वह आईसीयू में भर्ती थीं। तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के चलते शनिवार देर रात लगभग दो बजे उनका निधन हो गया।

जैसे ही अनिता सोनी के निधन की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर शोक संवेदनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोगों ने उनके संघर्ष, सादगी और सफलता की मिसाल को याद करते हुए इसे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

अनिता सोनी वर्ष 2018 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षा की टॉपर थीं। टॉप रैंक हासिल करने के बावजूद वह डिप्टी कलेक्टर या डीएसपी जैसे पदों पर चयनित नहीं हो सकीं, जिसे लेकर उस समय काफी चर्चा भी हुई थी। दरअसल, उन्होंने अपनी पोस्ट प्रेफरेंस में डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी का विकल्प नहीं चुना था, जिसके कारण टॉपर होने के बावजूद उन्हें सिविल सेवा की शीर्ष पोस्टिंग नहीं मिल पाई। इसके बावजूद उन्होंने राज्य वित्त सेवा में अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाई।

अपने एक इंटरव्यू में अनिता सोनी ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर के आशीर्वाद के साथ-साथ अपनी मां भगवती सोनी और पिता आर.एस. सोनी को दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके परिवार ने कभी बेटा-बेटी में फर्क नहीं किया और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार का सहयोग और सकारात्मक माहौल ही उनकी सफलता और आत्मविश्वास की सबसे बड़ी ताकत रहा।

अनिता सोनी के आकस्मिक निधन से प्रदेश ने एक होनहार अधिकारी और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत को खो दिया है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

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