Chhattisgarh

CG BREAKING: रिश्वत लेने का दोषी श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे बर्खास्त, जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सरकार ने की कार्रवाई

रायपुर 18 फरवरी 2026। जशपुर जिले में पदस्थापना के दौरान रिश्वत मांगने के मामले में दोषी पाए गए श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे को छत्तीसगढ़ सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टालरेंस की नीति के चलते सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। भ्रष्टाचार के मामले में विशेष न्यायालय से 3 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिलने के बाद श्रम विभाग ने यह कार्रवाई की है। वर्तमान में कुर्रे की पदस्थापना कोण्डागांव जिले में थी।

भ्रष्टाचार का यह मामला वर्ष 2019 का है। जशपुर जिले में पदस्थ रहते हुए श्रम निरीक्षक सुरेश कुर्रे पर आरोप लगा था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ अभिनंदन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी, कोतबा द्वारा संचालित मेशन जनरल एवं असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन कोर्स के 320 प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की थी। संस्था के संचालक रमेश कुमार यादव ने 26 सितंबर 2019 को एंटी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।जांच में आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत अपराध क्रमांक 25/2019 दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जशपुर की अदालत में हुई। विशेष प्रकरण क्रमांक 01/2021 में 26 नवंबर 2025 को सुनाए गए फैसले में न्यायालय ने कुर्रे को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायालय का निर्णय श्रमायुक्त के संज्ञान में आने के बाद कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ ने 15 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर सुरेश कुर्रे की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। सेवा समाप्ति के समय उनकी पदस्थापना श्रम पदाधिकारी कार्यालय, जिला कोण्डागांव में थी।

Related Articles

Back to top button