प्रशांति वृद्धाश्रम से स्नेह सदन का बिजली कनेक्शन पृथक करने विभाग की पहल, 5 नवम्बर का घेराव स्थगित

कोरबा, 03 नवंबर 2026। प्रशांति वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को लंबे समय से परेशान कर रही बिजली संकट की समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। स्नेह सदन वृद्धाश्रम का विद्युत कनेक्शन प्रशांति वृद्धाश्रम से अलग करने की प्रक्रिया समाज कल्याण विभाग ने शुरू कर दी है। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना ने 1 नवंबर 2026 को पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है। विभाग की ओर से बताया गया है कि पृथक विद्युत कनेक्शन का कार्य विद्युत वितरण विभाग द्वारा किया जाएगा। इस पहल के बाद नवदृष्टि समाजसेवी संस्था ने 5 नवंबर को प्रस्तावित विभागीय कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है। हालांकि, संस्था ने प्रशांति वृद्धाश्रम तक एसईसीएल कुसमुंडा खदान से पहुंची पुरानी और क्षतिग्रस्त बिजली केबल को बदलने की मांग दोहराई है।
दरअसल, प्रशांति वृद्धाश्रम की बिजली आपूर्ति केबल से स्नेह सदन वृद्धाश्रम को भी कनेक्शन दिया गया था। उस समय 15 दिनों के भीतर स्नेह सदन का अलग विद्युत कनेक्शन लेने की बात कही गई थी, लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी। नवदृष्टि समाजसेवी संस्था का आरोप है कि अतिरिक्त विद्युत लोड के कारण प्रशांति वृद्धाश्रम में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। लो-वोल्टेज की समस्या के साथ मुख्य केबल में बार-बार फॉल्ट आने की शिकायत भी सामने आती रही है। बिजली की अनियमित आपूर्ति और कम वोल्टेज का सीधा असर वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। संस्था के मुताबिक, कम वोल्टेज के कारण पानी की मोटर ठीक से काम नहीं करती, जिससे जलापूर्ति प्रभावित होती है। इसके अलावा पंखे, कूलर, टीवी, वॉशिंग मशीन और गीजर जैसे आवश्यक उपकरणों के संचालन में भी परेशानी होती है। कम वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने से उपकरणों के खराब होने की शिकायत भी सामने आई है। सबसे गंभीर चिंता मुख्य केबल में बार-बार फॉल्ट और संभावित शॉर्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटना को लेकर है। वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिक निवासरत हैं। ऐसे में बिजली व्यवस्था की अनदेखी उनके जीवन और सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। इस समस्या के समाधान के लिए नवदृष्टि समाजसेवी संस्था द्वारा समाज कल्याण विभाग को 16 फरवरी, 9 मार्च, 12 मार्च, 28 जुलाई, 5 अक्टूबर और 14 अक्टूबर 2026 को पत्र सौंपे गए। इसके अलावा मौखिक रूप से भी स्नेह सदन का विद्युत कनेक्शन अलग करने का अनुरोध किया गया। 14 अक्टूबर को दिए गए पत्र में 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन 28 अक्टूबर तक कनेक्शन पृथक करने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। संस्था ने आरोप लगाया था कि 5 अक्टूबर के पत्र में आंदोलन की चेतावनी के बाद विभाग ने नगर पालिक निगम को पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने की कोशिश की, जबकि समस्या के स्थायी समाधान के लिए अलग विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था जरूरी थी। संस्था ने यह सवाल भी उठाया था कि जब बिजली बिल के भुगतान के लिए बजट का प्रावधान किया गया है, तो स्नेह सदन का पृथक कनेक्शन अब तक क्यों नहीं लिया गया। नवदृष्टि समाजसेवी संस्था ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना को पत्र लिखकर 4 नवंबर 2026 तक स्नेह सदन वृद्धाश्रम का विद्युत कनेक्शन प्रशांति वृद्धाश्रम से अलग करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। इसके साथ ही एसईसीएल कुसमुंडा खदान से प्रशांति वृद्धाश्रम तक आई और बढ़े हुए लोड के कारण क्षतिग्रस्त हो चुकी मुख्य केबल को बदलने का काम भी शुरू करने की मांग रखी गई थी। संस्था ने चेतावनी दी थी कि निर्धारित समयसीमा तक कार्रवाई नहीं होने पर 5 नवंबर को वरिष्ठ नागरिकों, विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों के साथ समाज कल्याण विभाग के कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने की बात कही गई थी।
संस्था ने बिजली आपूर्ति बाधित होने, उपकरण खराब होने अथवा शॉर्ट सर्किट से किसी तरह की जान-माल की हानि होने पर संबंधित विभागीय जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई थी। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक द्वारा 1 नवंबर को जारी पत्र में स्नेह सदन वृद्धाश्रम का पृथक विद्युत कनेक्शन किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ होने की जानकारी दी गई। इसके बाद नवदृष्टि समाजसेवी संस्था ने 3 नवंबर को उप संचालक को पत्र भेजकर 5 नवंबर को प्रस्तावित घेराव और प्रदर्शन स्थगित करने की सूचना दी है। हालांकि, संस्था ने स्पष्ट किया है कि केवल स्नेह सदन का कनेक्शन अलग करना ही पर्याप्त नहीं होगा। नवम्बर माह में बिजली कनेक्शन पृथक करने तथा प्रशांति वृद्धाश्रम तक एसईसीएल कुसमुंडा खदान से आई पुरानी एवं बढ़े हुए लोड के कारण क्षतिग्रस्त हो चुकी मुख्य केबल को भी बदला जाना आवश्यक है। संस्था ने इस मांग पर भी शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है। फिलहाल पृथक विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू होने से बुजुर्गों को बिजली संकट से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। अब देखना होगा कि विद्युत वितरण विभाग कब तक अलग कनेक्शन की व्यवस्था पूरी करता है और क्षतिग्रस्त मुख्य केबल बदलने की मांग पर कब कार्रवाई होती है। गौरतलब है कि 27 अक्टूबर 2026 को बिजली केबल में फॉल्ट आने से प्रशांति वृद्धाश्रम की विद्युत आपूर्ति दो दिनों तक बाधित हो गई थी। इस प्रभाव स्नेह सदन वृद्धाश्रम पर भी पड़ा था। बारिश के बीच सुधार कार्य करवाया गया था।




