नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला

बलौदाबाजार, 01 नवंबर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बलौदाबाजार गिर्जेश प्रताप सिंह ने 14 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया। पुलिस की वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी को दोषी ठहराया गया।
मामला चौकी करहीबाजार क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 8 जून 2025 को पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी 3 जून की रात घर से बिना बताए कहीं चली गई है और वापस नहीं लौटी है। शिकायत पर पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 62/2025 दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की। बाद में अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 601/2025 पंजीबद्ध किया गया।
विवेचना के दौरान महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और सुराग के आधार पर पुलिस ने 8 जुलाई 2025 को आरोपी मुकेश कुमार निषाद उर्फ मकु के कब्जे से बालिका को सुरक्षित बरामद किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बालिका को बहला-फुसलाकर महाराष्ट्र के पुणे ले गया था, जहां उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया।
पुलिस ने मामले में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और डीएनए जांच के लिए नमूने एफएसएल रायपुर भेजे। इसके अलावा दाखिल-खारिज रजिस्टर से पीड़िता की उम्र की पुष्टि सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। तत्कालीन चौकी प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र पाटिल ने जांच पूरी कर 19 अगस्त 2025 को न्यायालय में चालान पेश किया।
न्यायालय में विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक निशा शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। महत्वपूर्ण गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों और विवेचना से जुड़े तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष, धारा 87 के तहत 7 वर्ष तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) और धारा 6 के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अलग-अलग धाराओं में कुल 6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
दोषी ठहराया गया आरोपी मुकेश कुमार निषाद उर्फ मकु (29 वर्ष), पिता कृष्ण कुमार निषाद, ग्राम पारागांव, चौकी करहीबाजार का निवासी है। पुलिस ने इस फैसले को महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति सख्त कार्रवाई और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।




