SBI Life ने छत्तीसगढ़ में शुरू किया ‘बीमा की बात’ अभियान, सभी 33 जिलों में पहुंचेगी जागरूकता वैन, लोगों को मिलेगी वित्तीय सुरक्षा की जानकारी

रायपुर, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आम नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा का महत्व समझाने के उद्देश्य से एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने ‘बीमा की बात’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत रायपुर से विशेष बीमा जागरूकता कैंटर वैन को रवाना किया गया, जो प्रदेश के सभी 33 जिलों में पहुंचकर लोगों को जीवन बीमा और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देगी। यह पहल भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ विजन के अनुरूप शुरू की गई है।
आईआरडीएआई की राज्य बीमा योजना के तहत एसबीआई लाइफ को छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के लिए लीड इंश्योरर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी के तहत कंपनी ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बीमा जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
33 जिलों में छत्तीसगढ़ी भाषा में दी जाएगी बीमा की जानकारी
‘बीमा की बात’ अभियान के तहत विशेष कैंटर वैन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का भ्रमण करेगी। वैन में लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से ऑडियो-विजुअल सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। खास बात यह है कि लोगों को स्थानीय छत्तीसगढ़ी भाषा में बीमा के फायदे, वित्तीय सुरक्षा और परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के उपाय समझाए जाएंगे।
इसके अलावा इंटरैक्टिव मॉड्यूल के जरिए जीवन बीमा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी बीमा योजनाओं की उपयोगिता समझ सकें।
देश में बीमा का दायरा वैश्विक औसत से कम
आईआरडीएआई की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार, भारत में बीमा पैठ 3.7 प्रतिशत है, जबकि वैश्विक औसत 7.3 प्रतिशत है। वहीं, जीवन बीमा की पैठ 2.8 प्रतिशत से घटकर 2.7 प्रतिशत रह गई है। ये आंकड़े देश में बीमा सुरक्षा का दायरा बढ़ाने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
एसबीआई लाइफ का उद्देश्य लोगों को जीवन बीमा के महत्व के बारे में जानकारी देना है, जिससे वे अपनी जरूरतों और आर्थिक स्थिति के अनुसार बेहतर वित्तीय निर्णय ले सकें।

परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए जीवन बीमा जरूरी
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के पश्चिम क्षेत्र के जोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि देश में वित्तीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए लोगों को जीवन बीमा की भूमिका समझना जरूरी है। कई समुदायों में आज भी बीमा को लेकर पर्याप्त जागरूकता नहीं है। ‘बीमा की बात’ अभियान के माध्यम से इस कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहल आईआरडीएआई के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने के साथ कंपनी की सोच ‘अपने लिए, अपनों के लिए’ को भी मजबूत करती है।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर विशेष फोकस
छत्तीसगढ़ शासन के वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव ने कहा कि ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ विजन का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय परिवार तक आसान, किफायती और जरूरत के अनुरूप बीमा सुरक्षा पहुंचाना है। इसके लिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थानीय भाषा के माध्यम से लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।
उन्होंने एसबीआई लाइफ की इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा के प्रति जागरूक होने और भविष्य के लिए बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
रायपुर में आयोजित अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में वित्त विभाग के विशेष सचिव ऋषभ कुमार परासर, एसबीआई लाइफ के जोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव, वित्त विभाग के एडिशनल डायरेक्टर अंकित मोदी और एसबीआई लाइफ के भोपाल रीजनल डायरेक्टर अमित कुमार साहा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। एसबीआई लाइफ का यह अभियान छत्तीसगढ़ में बीमा जागरूकता बढ़ाने और परिवारों को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा का महत्व समझाने की दिशा में एक प्रयास है।




