कुचैना अंडरब्रिज: बारिश के बाद गड्ढे और अंधेरे से परेशानी, मरम्मत पर ध्यान ही नहीं

कोरबा, 27 अक्टूबर। कोयलांचल क्षेत्र में कुसमुंडा से गेवरा-दीपका जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित कुचैना रेलवे अंडरब्रिज अब स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। कुछ समय पहले तक जहां इस अंडरब्रिज में बारिश के दिनों में भारी जलजमाव और नाले जैसी स्थिति से लोग परेशान थे, वहीं अब बारिश का मौसम बीत जाने के बाद सड़क पर बने गड्ढे ने परेशानी बढ़ा दी है।
दरअसल अंडरब्रिज के भीतर जलजमाव और वाहनों का दबाव होने के कारण डामर उखड़ने से सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। जिसकी वजह से अंडरब्रिज से गुजरते समय वाहन सवार लोग हिचकोले खाते हैं, वहीं कई लोग गिरकर सड़क हादसे का शिकार हो रहे हैं। खासकर रात के समय क्योंकि अंडरब्रिज पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगे होने से अंधेरा छाया रहता है। अंडरब्रिज के मरम्मत पर ध्यान नहीं देने की वजह से राहगीरों का वहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। रविवार की रात शहर से दीपका लौट रहे बाइक सवार दंपती गड्ढे में वाहन उछलने से गिरकर घायल हो गए। आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। कोयलांचल क्षेत्र गेवरा-दीपका को कुसमुंडा समेत शहर से जोड़ने के लिए कुचैना अंडरब्रिज अहम है।
दिन के अलावा रातभर लोगों की आवाजाही वहां से बनी रहती है। लेकिन स्थानीय निकाय समेत रेलवे व एसईसीएल की ओर से वहां अब तक स्ट्रीट लाइटों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस वजह से शाम ढलते ही अंडरब्रिज के भीतर पूरी तरह अंधेरा छा जाता है। वहीं अंदर सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरे होने से वहां का अंदाजा राहगीरों को नहीं लगता है और एकाएक दोपहिया वाहन उछलकर बेकाबू हो जाते हैं और लोग गिरकर घायल होते हैं। स्ट्रीट लाइट और सड़क मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में बड़ा हादसा हो सकता है। अंडरब्रिज के गलत ड्रॉइंग-डिजाइन से संकरे और सर्पीले बने होने से कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। क्षेत्र की बढ़ती आवाजाही और तकनीकी खामियों को देखते हुए कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने भी एक माह पहले रेलवे डीआरएम को पत्र लिखकर अंडरब्रिज की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की विशेष विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग की थी।
साथ ही यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने बगल में एक और समांतर अंडरब्रिज के निर्माण की मांग भी उठाई गई है। अंडरब्रिज के ऊपर लगा शेड अंधड़ के दौरान पूर्व में उखड़ चुका है, जो कभी भी गिर सकता है। ऐसे में नीचे गुजर रहे राहगीरों को चोट लगने की आशंका है। अंडरब्रिज शुरू होने के कुछ महीने के भीतर ही इस तरह से अंधड़ में शेड उखड़ने के अलावा बारिश के दौरान अंडरब्रिज का नाला व झरने जैसा हाल होने के साथ ही सड़कों पर गड्ढे होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रतिदिन अंडरब्रिज से 3 हजार से राहगीरों की आवाजाही होती है, ऐसे में मरम्मत पर ध्यान देने की जरूरत है।




