रायपुर में धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर परिवार से मारपीट का आरोप, नाबालिग बेटे को प्रलोभन देने की शिकायत, दो महिलाओं पर FIR

रायपुर, 23 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अमलीडीह इलाके में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और इनकार करने पर परिवार के सदस्यों से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने विशाखा मसीह और दुलारी साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। विरोध करने पर मारपीट करने के साथ ही मोबाइल फोन तोड़ने और घर में ताला लगाने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया गया।
जानकारी के अनुसार, अमलीडीह क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार ने न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ समय से परिवार के सदस्यों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार ने जब धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई और उन्हें लगातार परेशान किया गया।
छोटी बेटी का धर्म परिवर्तन कराने और नाबालिग बेटे को प्रलोभन देने का आरोप
पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया है कि उनकी छोटी बेटी का पहले ही धर्म परिवर्तन कराया जा चुका है। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों पर भी धर्म बदलने का दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिवार के 16 वर्षीय नाबालिग बेटे को धर्म परिवर्तन के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दिए जा रहे थे। परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मोबाइल तोड़ने और इलाज के लिए बाहर जाने से रोकने की शिकायत
शिकायतकर्ता के मुताबिक, धर्म परिवर्तन को लेकर हुए विवाद के दौरान परिवार के सदस्यों से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, घर में ताला लगाने और इलाज के लिए बाहर जाने से रोकने की भी शिकायत की गई है। परिवार का कहना है कि इन घटनाओं के कारण उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विशाखा मसीह और दुलारी साहू के खिलाफ मामला दर्ज
पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने विशाखा मसीह और दुलारी साहू के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2026 की धारा 16(1) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि परिवार पर कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का दबाव किन परिस्थितियों में बनाया गया और मारपीट सहित अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है। दोनों नामजद महिलाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




