रायगढ़ में साइबर जागृति अभियान तेज, गांव-गांव लगेगी ‘साइबर चौपाल’; डिजिटल अरेस्ट और UPI फ्रॉड से बचाव की दी जानकारी

रायगढ़, 27 सितम्बर। साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का ‘साइबर जागृति अभियान’ जारी है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चल रहे अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भूपदेवपुर पुलिस ने मुख्य मार्ग पर लोगों को एकत्रित कर साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए।
पुलिस ने नागरिकों को बैंक कॉल, KYC अपडेट, OTP, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक, QR कोड, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन नौकरी और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान किया। पुलिस ने कहा कि OTP, ATM/CVV, UPI PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध APK डाउनलोड करने और बिना जानकारी QR कोड स्कैन करने से भी बचना चाहिए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि UPI PIN पैसे भेजने के लिए जरूरी होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।
डिजिटल अरेस्ट को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। पुलिस ने बताया कि ठग पुलिस, CBI, ED या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल करते हैं और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगते हैं। ऐसी स्थिति में कॉल काटकर आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करने और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। साथ ही बैंक को तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई।
अभियान का सातवां सप्ताह 27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान गांव-गांव ‘साइबर चौपाल’ लगाकर साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, OTP/UPI फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव की जानकारी दी जाएगी।




