Chhattisgarh

बेमेतरा में ट्रांसफार्मर फटने से झुलसे पिता-पुत्र समेत तीन किसानों की मौत, पांच दिन तक चला इलाज

बेमेतरा, 26 सितंबर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के मोहतरा गांव में ट्रांसफार्मर फटने की दर्दनाक घटना में गंभीर रूप से झुलसे पिता-पुत्र समेत तीन किसानों की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद करीब पांच दिनों तक रायपुर में उनका उपचार चला, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण तीनों की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, 20 सितंबर को मोहतरा गांव के हेमबंद खार में किसान मौजूद थे। इसी दौरान वहां लगा ट्रांसफार्मर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। ट्रांसफार्मर से निकला गर्म तेल और आग की लपटें आसपास फैल गईं, जिसकी चपेट में आने से तीन किसान गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए बेमेतरा जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रायपुर रेफर कर दिया। रायपुर में करीब पांच दिनों तक उनका उपचार जारी रहा, लेकिन शुक्रवार को तीनों किसानों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान ईश्वर पटेल (62), राधेश्याम चंद्राकर (50) और उनके बेटे छन्नू चंद्राकर (32) के रूप में हुई है।

हादसे में जान गंवाने वाले राधेश्याम चंद्राकर और उनके बेटे छन्नू चंद्राकर का अंतिम संस्कार शुक्रवार को ही किया गया। वहीं तीसरे मृतक किसान ईश्वर पटेल का अंतिम संस्कार शनिवार को मोहतरा गांव में किया जाएगा। एक ही हादसे में तीन किसानों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।

पांच दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे

ट्रांसफार्मर विस्फोट के बाद तीनों किसान गंभीर रूप से झुलस गए थे। बेमेतरा जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया था। गंभीर रूप से झुलसे होने के कारण चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा था, लेकिन पांच दिन बाद तीनों की मौत हो गई।

घटना के बाद ट्रांसफार्मर में विस्फोट और उससे निकले गर्म तेल व आग की लपटों से किसानों के झुलसने की यह घटना गांव के लिए बड़ा हादसा बन गई। अब ग्रामीण घटना की जांच और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।

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