CG NEWS: रायगढ़ पुलिस ने शुरू की साइबर जागृति लघु फिल्म प्रतियोगिता, जीतें 1 लाख रुपये तक के पुरस्कार

रायगढ़, 10 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की है। जिला पुलिस की ओर से “साइबर जागृति अभियान” के तहत साइबर अपराध जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता की थीम “संकल्प: साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” रखी गई है। इस पहल का उद्देश्य रचनात्मक फिल्मों और प्रभावशाली कहानियों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध के तरीकों, चेतावनी संकेतों, बचाव के उपायों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना है।
प्रतियोगिता में रायगढ़ पुलिस के साथ रोटरी क्लब रायगढ़ और अन्य संस्थानों का सहयोग रहेगा, जबकि प्रतियोगिता का प्रबंधन Take 3 Studios द्वारा किया जाएगा। प्रेसवार्ता में रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। साइबर अपराधी भय, लालच, जल्दबाजी, विश्वास और तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को पहले से जागरूक और डिजिटल रूप से जिम्मेदार बनाना भी बेहद जरूरी है।
लघु फिल्म प्रतियोगिता में फिल्मकारों, विद्यार्थियों, युवाओं, कंटेंट क्रिएटर्स, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। खास बात यह है कि मोबाइल फोन से बनाई गई फिल्मों को भी प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा और ऐसी प्रविष्टियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी या छत्तीसगढ़ी भाषा में साइबर और डिजिटल अपराधों पर फिल्म बना सकते हैं।
प्रतियोगिता के लिए डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी, CBI, कस्टम या बैंक अधिकारी बनकर ठगी, हनीट्रैप, सेक्सटॉर्शन, ब्लैकमेलिंग, OTP और UPI फ्रॉड, QR कोड एवं क्रेडिट-डेबिट कार्ड धोखाधड़ी, फिशिंग ईमेल, फर्जी SMS और लिंक, APK फाइल के जरिए ठगी, स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस एप से होने वाले अपराध जैसे विषय रखे गए हैं। इसके अलावा पहचान की चोरी, SIM स्वैप, सोशल मीडिया अकाउंट टेकओवर, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, ट्रोलिंग, साइबर स्टॉकिंग, डॉक्सिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, डीपफेक, मॉर्फिंग और प्रतिरूपण जैसे विषयों पर भी फिल्म बनाई जा सकती है।
फर्जी निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी और त्वरित लाभ के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी नौकरी, वर्क फ्रॉम होम, टास्क और लोन एप घोटाले, ई-कॉमर्स, टिकट, कूरियर, रिफंड और फर्जी कस्टमर केयर से जुड़ी ठगी को भी प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, रैनसमवेयर, डेटा चोरी, बिजनेस ईमेल कम्प्रोमाइज, फेक न्यूज, डिजिटल प्राइवेसी और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार जैसे विषय भी प्रतियोगिता का हिस्सा होंगे।
पुलिस ने प्रतिभागियों से केवल साइबर अपराध की घटना को दिखाने के बजाय उसके चेतावनी संकेत, बचाव के तरीके और सुरक्षित रिपोर्टिंग की जानकारी भी फिल्म में शामिल करने की अपील की है। प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में बांटा गया है।
श्रेणी ‘अ’ में 3 से 6 मिनट तक की लघु फिल्में शामिल होंगी। इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये रखा गया है।
श्रेणी ‘ब’ में 1 से 3 मिनट तक की फिल्म या रील प्रस्तुत की जा सकेगी। इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 75 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये दिया जाएगा।
प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि 24 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता के परिणाम 27 सितंबर 2026 को रायगढ़ के ऑडिटोरियम में घोषित किए जाएंगे। प्रतियोगिता में प्रस्तुत की जाने वाली फिल्म मौलिक होनी चाहिए। फिल्म में इस्तेमाल किए गए संगीत, दृश्य, चित्र और अन्य सामग्री के आवश्यक अधिकार प्रतिभागी के पास होना अनिवार्य है। संवेदनशील मामलों में पीड़ित की पहचान और निजी जानकारी को सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम माना जाएगा।
प्रतियोगिता में फिल्म को सीधे आवेदन फॉर्म में अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रतिभागी अपनी फिल्म को Google Drive या किसी अन्य विश्वसनीय फाइल-होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसका सक्रिय और सार्वजनिक रूप से देखने योग्य लिंक जमा कर सकेंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने और विस्तृत जानकारी के लिए filmotsav.org पर संपर्क किया जा सकता है। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 8817420420 और ईमेल contact@filmotsav.org जारी किया गया है।
रायगढ़ पुलिस ने प्रदेश और जिले के युवाओं, विद्यार्थियों, फिल्मकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और जागरूक नागरिकों से इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने में रचनात्मक माध्यम प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं और एक छोटी सी जागरूकता फिल्म किसी व्यक्ति को बड़ी आर्थिक और मानसिक क्षति से बचाने में मदद कर सकती है।




