Chhattisgarh

कागजों में कुपोषण मुक्त, गांवों में गंभीर हालत में बच्चे! जमीनी हकीकत ने खड़े किए सवाल

जांजगीर-चांपा , 04 सितंबर (वेदांत समाचार)। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ ब्लॉक में कुपोषण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक ओर प्रशासनिक स्तर पर जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या नहीं होने का दावा किया गया था, वहीं दूसरी ओर कई गांवों में गंभीर बीमारी और कुपोषण से जूझ रहे बच्चों की जानकारी सामने आ रही है।

इसी मामले को लेकर आज एनजीओ छत्तीसगढ़ जागृति मानव कल्याण समिति और भीम रेजीमेंट की टीम ने पहल करते हुए पामगढ़ ब्लॉक के अलग-अलग गांवों का दौरा किया। टीम ने कुपोषित और गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों के घर पहुंचकर उनकी स्थिति की जानकारी ली।

इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े दस्तावेज और जरूरी कागजात भी एकत्र किए गए हैं। टीम का कहना है कि इन सभी मामलों की जानकारी जल्द ही जांजगीर-चांपा प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी, ताकि जरूरतमंद बच्चों को उपचार और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

आपको बता दें कि कुछ महीने पहले कुपोषण के आंकड़ों को लेकर जांजगीर जिले में विवाद की स्थिति भी बनी थी। डॉक्टर द्वारा जिले में एक भी कुपोषित बच्चा नहीं होने की बात कहे जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया था।

अब भीम रेजीमेंट और छत्तीसगढ़ जागृति मानव कल्याण समिति ने जमीनी स्तर पर ऐसे बच्चों की वास्तविक स्थिति सामने लाने की पहल की है।

टीम गांव-गांव पहुंचकर कुपोषित और गंभीर रूप से बीमार बच्चों की जानकारी जुटा रही है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इन मामलों में क्या कदम उठाता है और इन बच्चों को इलाज एवं सरकारी योजनाओं का कितना लाभ मिल पाता है।

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