धमतरी में साइबर जागृति अभियान: 12 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

धमतरी। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार और पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के मार्गदर्शन में जिले में चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के प्रथम सप्ताह में धमतरी पुलिस ने व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। 15 से 22 अगस्त 2026 तक चले इस अभियान के दौरान जिले के 16 थाना और चौकी क्षेत्रों के स्कूल, कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पुलिस टीमों ने पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी। अभियान के माध्यम से करीब 12 हजार विद्यार्थियों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया। विद्यार्थियों को OTP फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया ठगी, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड और बैंकिंग फ्रॉड से बचने के आसान और व्यावहारिक उपाय समझाए गए।
22 अगस्त को भी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सिटी कोतवाली क्षेत्र में गांधी मैदान में करीब 170 से 180 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। अर्जुनी थाना क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संबलपुर एवं मधुरिमा गुरुकुल कोलियारी में 345 विद्यार्थियों, रूद्री थाना क्षेत्र के नारायण राव मेघावाले शासकीय कन्या महाविद्यालय में 250 विद्यार्थियों और कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोंगरा में करीब 170 लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई।
इसी तरह भखारा थाना क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बागतरई में 260, चौकी बिरेझर के शासकीय हाई सेकेंडरी स्कूल सिर्री में 171, थाना नगरी के जीनियस पब्लिक स्कूल में 150, थाना सिहावा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 200 तथा थाना दुगली के शासकीय हाई सेकेंडरी स्कूल सोनझरी में करीब 70 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। थाना केरेगांव, अकलाडोंगरी, बोराई और अन्य थाना-चौकी क्षेत्रों में भी लगातार कार्यक्रम आयोजित किए गए।
धमतरी पुलिस ने विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से बताया कि OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी या किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने और लालच या डर पैदा करने वाले फोन कॉल पर भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई।
पुलिस ने साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की अपील करते हुए बताया कि पीड़ित को बिना समय गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। साथ ही संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को भी तुरंत सूचना देनी चाहिए, ताकि ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सके।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को “साइबर सेल्फी” के माध्यम से जागरूकता अभियान का हिस्सा बनने के लिए भी प्रेरित किया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि “मैं जागरूक हूं, आप भी जागरूक बनें” और साइबर जागृति अभियान से जुड़कर अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा करें। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जागरूक करना ही नहीं, बल्कि उन्हें साइबर सुरक्षा के संदेश का वाहक बनाना भी है।
धमतरी पुलिस का लक्ष्य है कि प्रत्येक जागरूक विद्यार्थी अपने परिवार, मित्रों और आसपास के कम से कम 5 से 10 लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करे। इस तरह जागरूकता की श्रृंखला को स्कूल-कॉलेज से परिवार और फिर पूरे समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, “साइबर जागृति अभियान” केवल साइबर अपराधों की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को सतर्क, सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। स्कूल-कॉलेजों में लगातार संवाद और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
धमतरी पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि साइबर अपराधों से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें, अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित एजेंसी को दें। पुलिस ने कहा है कि “सतर्कता ही सबसे बड़ी साइबर सुरक्षा” है।




