मेडिकल कॉलेज में पौने दो करोड़ का घोटाला: छात्रों से पूरी फीस ली लेकिन खाते में जमा नहीं किए, 5 कर्मचारियों पर FIR

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। कॉलेज के 5 कर्मचारियों ने मिलकर करीब पौने दो करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। मामला छात्रों की फीस, ओपीडी या ओपीडी में जमा होने वाली राशि से जुड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी छात्रों से पूरी फीस वसूलते थे और उन्हें बाकायदा पूरी फीस जमा होने की रसीद भी थमा देते थे। लेकिन खेल इसके बाद शुरू होता था…वसूल की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा कॉलेज के आधिकारिक बैंक खाते में जमा ही नहीं किया जाता था। मामला सिर्फ फीस तक ही नहीं था बल्कि ओपीडी में जमा की जाने वाली राशियों में भी यह गोलमाल करते थे। यह पूरा फर्जीवाड़ा साल 2020 से 2025 के बीच, यानी पिछले 5 सालों से लगातार चल रहा था।
अकाउंट्स के ऑडिट के दौरान जब आंकड़ों का मिलान नहीं हुआ, तब इस गोलमाल का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस ने पांचों आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और गबन की गहराई तक जाने के लिए जांच तेजी से शुरू कर दी गई है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की ओर से गढ़ा थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिसमें वर्ष 2020 से 2025 तक मेडिकल, नर्सिंग के बच्चे से पैसे लेते थे, जिसे बैंक में जमा किया जाता था।
एएसपी ने बताया कि जब 2020 से 2025 यानी छह साल के आंकड़ों का अध्ययन किया गया तो इसमें लगभग 1 करोड़ 63 लाख की कमी पाई गई, घोटाला पाया गया। पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जिन कर्मचारियों ने ये गलती थी उनमें तीन लोग अरविंद धुर्वे, भानु सिंह और विशाल राठे को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड लिया गया है, तीनों से पूछताछ की जा रही है।





