जिला बदर बदमाश गिरफ्तार, आदेश की अवहेलना कर जांजगीर शहर में छिपकर रह रहा था आरोपी

0 जिला दण्डाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 के तहत कार्रवाई, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
जांजगीर-चांपा। जिला बदर किए जाने के बाद भी आदेश का उल्लंघन कर जांजगीर शहर में छिपकर रह रहे एक आदतन अपराधी को कोतवाली जांजगीर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 14 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार थाना बलौदा क्षेत्र के ग्राम बिरगहनी निवासी संतोष साण्डे (40 वर्ष), पिता मोहित राम साण्डे को जिला दण्डाधिकारी जांजगीर-चांपा द्वारा 6 मार्च 2026 को एक वर्ष के लिए जिला जांजगीर-चांपा सहित सक्ती, कोरबा, बिलासपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़ और बलौदाबाजार जिलों की सीमाओं से जिला बदर किया गया था। आदेश की जानकारी आरोपी को विधिवत दी गई थी।
इसके बावजूद आरोपी ने जिला बदर आदेश की अवहेलना करते हुए अपनी पहचान छिपाकर जांजगीर शहर के रमननगर क्षेत्र में रहना शुरू कर दिया। पुलिस को मुखबिर से आरोपी के शहर में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने 28 जुलाई 2026 को कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उसे कार्यपालिक दण्डाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। मामले की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से जिला दण्डाधिकारी को भेजी गई, जिसके आधार पर 30 जुलाई 2026 को जिला दण्डाधिकारी ने आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 14 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।
निर्देश के पालन में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक उमेंद्र मिश्रा और प्रधान आरक्षक राकेश तिवारी, थाना जांजगीर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।




