कोरबा के आदतन अपराधी सोमनाथ अग्रवाल एक साल के लिए जिला बदर, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

कोरबा, 31 जुलाई 2026। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदतन अपराधी सोमनाथ अग्रवाल उर्फ सोमू अग्रवाल को एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया है। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत यह आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार सोमनाथ अग्रवाल, निवासी रविशंकर शुक्ल नगर (आरएसएस नगर), थाना कोतवाली, जिला कोरबा को एक वर्ष की अवधि तक जिला कोरबा सहित बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर रहना होगा। आदेश मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे इन जिलों की सीमा छोड़नी होगी। साथ ही प्रतिबंध अवधि के दौरान सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना वह इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि सोमनाथ अग्रवाल के खिलाफ समय-समय पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें मारपीट, बलवा, गाली-गलौज, धमकी, अवैध वसूली, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाना, लोक शांति भंग करना समेत अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ लगातार आपराधिक गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं और पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।
प्रशासन ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी की गतिविधियों के कारण क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। कई मामलों में प्रत्यक्षदर्शी और पीड़ित उसके प्रभाव और डर के कारण खुलकर शिकायत दर्ज कराने या न्यायालय में गवाही देने से भी बचते रहे। पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद जिला प्रशासन इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि यदि संबंधित व्यक्ति को जिले में रहने दिया जाता है तो कानून-व्यवस्था और लोक शांति प्रभावित होने की प्रबल संभावना बनी रहेगी।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के प्रावधानों के तहत जिला बदर की कार्रवाई करते हुए एक वर्ष तक उसके प्रतिबंधित जिलों में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिला बदर आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करता है या आदेश की किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि प्रतिबंध अवधि के दौरान संबंधित व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्रों में दिखाई देता है या उसकी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या जिला प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
देखें आदेश :





