कोरबा: कलेक्टर कुणाल दुदावत ने देवपहरी के एकलव्य विद्यालय में मनाया शाला प्रवेशोत्सव, वेदारंभ संस्कार और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लिया हिस्सा

कोरबा, 10 जुलाई। कोरबा जिले के कलेक्टर कुणाल दुदावत ने गुरुवार को जिला मुख्यालय से लगभग 58 किलोमीटर दूर स्थित वनांचल ग्राम देवपहरी पहुंचकर गौमुखी सेवाधाम द्वारा संचालित एकलव्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के वेदारंभ संस्कार एवं शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आश्रम परिसर स्थित मां सिद्धिदात्री मंदिर में पूजा-अर्चना कर की। इसके बाद उन्होंने हिंगलाजगढ़ स्थित शक्तिपीठ में अखंड ज्योति के दर्शन किए। यहां देश के प्रमुख शक्तिपीठों से लाई गई पवित्र ज्योति स्थापित है, जिसमें कामाख्या देवी, वैष्णो देवी, कालका देवी, कामाक्षी देवी तथा मैहर की मां शारदा की ज्योति शामिल है।
इसके पश्चात कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा गौमुखी सेवाधाम के कार्यकर्ताओं से संवाद किया। उन्होंने वनवासी एवं संरक्षित जनजातीय बच्चों को संस्कारयुक्त, गुणवत्तापूर्ण और मूल्यपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ अंचलों में इस प्रकार की पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम के दौरान गायत्री परिवार के आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वेदारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। नौ कुंडीय हवन में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने आहुति देकर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण किया। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने भी 11 आहुतियां देकर हवन में सहभागिता निभाई।
वेदारंभ संस्कार के बाद प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत कलेक्टर श्री दुदावत ने पौधारोपण कर की। इस अभियान के अंतर्गत विद्यालय के 300 विद्यार्थियों द्वारा 300 फलदार पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की व्यवस्था वन विभाग एवं पर्यावरण गतिविधि के जिला संयोजक कैप्टन मुकेश अदलखा द्वारा की गई।
वृक्षारोपण के बाद आश्रम के सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में कलेक्टर कुणाल दुदावत, देवपहरी की सरपंच श्रीमती हीराबाई राठिया, जिला कार्यवाह कैलाश नाहक तथा गौमुखी सेवाधाम के अध्यक्ष श्री गोपाल अग्रवाल मंचासीन रहे।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गौमुखी सेवाधाम के अध्यक्ष श्री गोपाल अग्रवाल ने संस्था द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, अध्यात्म और स्वावलंबन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। वहीं जिला कार्यवाह कैलाश नाहक ने बताया कि लगभग 25 वर्ष पूर्व अत्यंत विषम परिस्थितियों में इस सेवा प्रकल्प की शुरुआत की गई थी, जब देवपहरी तक पहुंचने में चार घंटे का समय लगता था। उन्होंने सेवा कार्यों के महत्व को एक प्रेरक कहानी के माध्यम से बच्चों के सामने रखा।
अपने संबोधन में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि शिक्षा समाज के सर्वांगीण विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसमें संस्कार भी जुड़े हों। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए तीन मूल मंत्र दिए—विनम्र बने रहें, माता-पिता का सम्मान करें और अपने शिक्षकों का आदर करें। उन्होंने कहा कि गौमुखी सेवाधाम शिक्षा के साथ संस्कारयुक्त पीढ़ी तैयार करने का सराहनीय कार्य कर रहा है और भारतीय शास्त्रों में भी इसी प्रकार की शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख मिलता है।
शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर कक्षा पहली से लेकर कक्षा दसवीं तक प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्व. बनवारीलाल स्मृति मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें शील्ड, प्रशस्ति पत्र एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन गौमुखी सेवाधाम के सचिव योगेश जैन ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संस्था के कोषाध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने प्रसाद ग्रहण किया।




