Chhattisgarh

रायपुर में छिपा था बिहार का 25 हजार का इनामी आरोपी, स्टील फैक्ट्री में बदल ली थी पहचान; संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार

रायपुर, 7 जून 2026। बिहार के चर्चित गैंगरेप, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट मामले में वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को रायपुर ग्रामीण पुलिस और बिहार के जहानाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रायपुर जिले के सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में अपनी पहचान छिपाकर एक निजी स्टील कंपनी में नौकरी कर रहा था और लंबे समय से कानून की नजरों से बचता फिर रहा था।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय यादव के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ बिहार के जहानाबाद जिले के महिला थाना में वर्ष 2019 में गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है। आरोपी पर गैंगरेप, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन धाराओं के तहत अपराध दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, जिसके चलते मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर बिहार पुलिस को आरोपी की मौजूदगी रायपुर जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद जहानाबाद पुलिस की विशेष टीम रायपुर पहुंची और रायपुर ग्रामीण पुलिस से संपर्क स्थापित किया। सिलतरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर के नेतृत्व में संयुक्त टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अजय यादव सिलतरा स्थित एक निजी स्टील कंपनी में अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर कार्य कर रहा है। इसके बाद संयुक्त पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी को सिलतरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को बिहार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया। जिस निजी स्टील कंपनी में आरोपी कार्यरत था, वहां कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। पुलिस ने इसे सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों की गंभीर अनदेखी माना है। इस संबंध में कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी करने और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र के सभी उद्योगों, कंपनियों और प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि सत्यापन नहीं कराने वाले संस्थानों के खिलाफ भविष्य में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में सिलतरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर, परिवीक्षाधीन उपनिरीक्षक किशन लाल, एएसआई रमेश शर्मा, आरक्षक राजकुमार चौबे और अर्जुन कुर्रे के साथ बिहार के जहानाबाद पुलिस की उपनिरीक्षक सुरूचि शर्मा, एएसआई धनंजय कुमार, आरक्षक श्रीराम साहू, बंशी कुमार, मिन्टू कुमार तथा महिला आरक्षक कोमल कुमारी ने अहम भूमिका निभाई।

बिहार से फरार चल रहे इनामी आरोपी की रायपुर से गिरफ्तारी ने एक बार फिर औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन की आवश्यकता और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को उजागर कर दिया है। पुलिस का मानना है कि समय पर सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाती तो आरोपी की पहचान पहले ही सामने आ सकती थी।

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