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CBSE री-वैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक का खुलासा, 50 छात्रों ने की सिस्टम में हेराफेरी

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों के बीच अब एक नया मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीएसई के री-वैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) पोर्टल के पेमेंट सिस्टम पर साइबर अटैक हुआ था, जिसके चलते करीब 50 छात्रों ने अनधिकृत रूप से पोर्टल तक पहुंच हासिल कर सिस्टम में हेराफेरी की।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह साइबर अटैक सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल के भुगतान तंत्र से जुड़ा था। बताया गया है कि पेमेंट गेटवे एचडीएफसी बैंक से संबंधित था और इसी दौरान कुछ छात्रों ने तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर आवेदन शुल्क में बदलाव कर दिया।

सूत्रों के अनुसार, सीबीएसई द्वारा आंसर शीट की फोटोकॉपी प्राप्त करने की फीस 700 रुपये से घटाकर 100 रुपये निर्धारित की गई थी, लेकिन पोर्टल में गड़बड़ी के कारण कई छात्रों के लिए यह शुल्क कभी 1 रुपये तो कभी 67,000 से 68,000 रुपये तक दिखाई देने लगा। जांच में सामने आया कि लगभग 50 छात्रों के मामलों में आवेदन शुल्क में इस तरह की अनियमितता दर्ज की गई।
बताया जा रहा है कि पोर्टल के लाइव होते ही यह समस्या सामने आई थी। तकनीकी खामी और पेमेंट सिस्टम में छेड़छाड़ के कारण कुछ समय के लिए पोर्टल का संचालन भी प्रभावित हुआ। अधिकारियों का कहना है कि कुछ छात्रों ने जानबूझकर सिस्टम में हेराफेरी की, जिसके कारण भुगतान प्रक्रिया में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई।

गौरतलब है कि हाल ही में एक 19 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उसने सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को हैक कर लिया था। हालांकि बाद में बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि संबंधित पोर्टल डमी पोर्टल था और किसी भी संवेदनशील डेटा से उसका संबंध नहीं था। इसके बावजूद अब री-वैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की जानकारी सामने आने से बोर्ड की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
इस बीच सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन पोर्टल 1 जून 2026 से खोला जाएगा। पहले यह माना जा रहा था कि आवेदन प्रक्रिया 29 मई से शुरू होगी, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इसमें बदलाव किया गया है।
सीबीएसई का कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और उच्चतम गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए बोर्ड ने स्टूडेंट्स टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन नंबर 1800 11 8004 भी जारी किया है। इसके अलावा छात्र ईमेल के माध्यम से भी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं।
री-वैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक और शुल्क में गड़बड़ी के खुलासे के बाद अब बोर्ड की ओर से मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाने की संभावना है।

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