कोरबा स्टेशन की सेकेंड एंट्री पर डस्ट बड़ी समस्या, भारी वाहनों पर नियंत्रण जरूरी: एडीआरएम

कोरबा, 14 अप्रैल। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अतिरिक्त मंडल प्रबंधक (एडीआरएम) के. श्रीनिवास ने सोमवार को कोरबा दौरे के दौरान रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के सेकेंड एंट्री क्षेत्र में उड़ने वाली धूल (डस्ट) को गंभीर समस्या बताते हुए इसके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
निरीक्षण के दौरान एडीआरएम ने कहा कि एसईसीएल मानिकपुर प्रबंधन द्वारा कोल साइडिंग में नियमित पानी का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन इससे पूरी तरह डस्ट पर नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं किया जाएगा, तब तक समस्या बनी रहेगी। फिलहाल कोल साइडिंग बंद नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि मानिकपुर प्रबंधन साइलो निर्माण के कार्य में जुटा है। इसके पूर्ण होने के बाद स्टेशन से कोल साइडिंग हटाई जाएगी, हालांकि इसमें कितना समय लगेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
एडीआरएम ने इस दौरान यात्री सुविधाओं, ट्रेनों के विस्तार और नई ट्रेनों की मांगों को भी सुना। हसदेव एक्सप्रेस को दुर्ग तक विस्तार देने की मांग पर उन्होंने कहा कि दुर्ग के पिट यार्ड में पहले से ही कोचिंग ट्रेनों का दबाव अधिक है, इसलिए फिलहाल विस्तार संभव नहीं है। इस विषय पर दोनों डिवीजनों के परिचालन विभाग के साथ मिलकर समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
उरगा से कोरबा के बीच यात्री ट्रेन बढ़ाने के संबंध में उन्होंने बताया कि एक कोचिंग ट्रेन चलाने से चार मालगाड़ियों का फेरा प्रभावित होता है। ऐसे में बायपास रूट पर अधिक से अधिक मालगाड़ियां संचालित करने की योजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
पिटलाइन की स्थिति पर उन्होंने कहा कि यह अभी पूरी क्षमता से उपयोग योग्य नहीं है और सबसे बड़ी समस्या मैनपावर की कमी है। भविष्य में इसे शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
एडीआरएम ने गेवरा-पेंड्रा रोड रेल कॉरिडोर को वर्ष के अंत तक पूरा करने की बात भी कही। वहीं, अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 की स्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने ठेकेदार को निर्देश देने को कहा कि कार्य में तेजी लाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
इसके साथ ही प्लेटफार्म नंबर 1 के मुख्य गेट की ऊंचाई बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।




