‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ से चल रहा था ड्रग्स नेटवर्क, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

रायपुर, 31 मार्च । रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के अंतर्राज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें नेटवर्क के मास्टरमाइंड भी शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU), एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और तेलीबांधा थाना पुलिस की टीम ने की।
जांच में सामने आया कि आरोपी “डेड ड्रॉप सिस्टम” का इस्तेमाल कर रहे थे। इस तरीके में ड्रग्स को सुनसान जगहों पर छिपाकर रखा जाता था और फिर ग्राहकों को वीडियो और लोकेशन भेजकर वहां से उठाने के लिए कहा जाता था। इस सिंडिकेट में रैपिडो बाइक राइडर्स और कोरियर सर्विस का इस्तेमाल कर ड्रग्स की डिलीवरी की जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा हैं, जो दिल्ली में रहकर पूरे गिरोह को संचालित कर रहे थे। दोनों पहले भी वर्ष 2024 में ड्रग्स मामले में जेल जा चुके हैं। ये आरोपी व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और कोरियर के माध्यम से रायपुर में ड्रग्स भेजते थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में रैपिडो राइडर्स के जरिए एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के जरिए कुछ संदिग्ध राइडर्स की पहचान की गई। 29 मार्च को तेलीबांधा क्षेत्र के काशीराम नगर के पास तीन रैपिडो राइडर्स को ड्रग्स के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में उनके जरिए पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ और मुख्य सप्लायर कुणाल मंगतानी को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और दोनों मास्टरमाइंड को हिरासत में लेकर रायपुर लाई, जहां उनकी गिरफ्तारी की गई।
नाइजीरियन कनेक्शन की भी जांच
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ड्रग्स नाइजीरियन नागरिकों से खरीदते थे। पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
क्या-क्या हुआ जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 48.03 ग्राम एमडीएमए (कीमत लगभग 7 लाख रुपये), 8 पार्टी पिल्स, 9 मोबाइल फोन, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल हुआ कोरियर बॉक्स बरामद किया है। कुल जब्ती की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
आरोपियों की भूमिका
महेश खड़का और कुसुम हिन्दुजा: नेटवर्क के मास्टरमाइंड
कुणाल मंगतानी: कोरियर से ड्रग्स रिसीव कर वितरण की व्यवस्था
सौरभ यादव, शुभम राठौर, सौरभ डोंगरे: रैपिडो राइडर बनकर सप्लाई
रायपुर पुलिस ने खासकर युवाओं से अपील की है कि वे सिंथेटिक ड्रग्स से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से राज्य में फैले ड्रग्स नेटवर्क की एक बड़ी कड़ी को तोड़ने में सफलता मिली है और आगे भी ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




