Chhattisgarh

मुजफ्फरनगर में छत्तीसगढ़ की बेटियों का जलवा: 38वीं जूनियर नेशनल नेटबॉल में कांस्य पदक

रायपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ की बालिका नेटबॉल टीम ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित 38वीं जूनियर नेशनल नेटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है। पूरे टूर्नामेंट में टीम ने जुझारूपन और बेहतरीन तालमेल का परिचय देते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

सेमीफाइनल मुकाबले में पंजाब के खिलाफ 24-17 से हार झेलने के बावजूद टीम ने हौसला नहीं खोया। तीसरे स्थान के लिए हुए कड़े मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने पांडिचेरी को शिकस्त देकर कांस्य पदक हासिल किया। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में बिहार को 21-18 से हराकर टीम ने अंतिम चार में जगह बनाई थी।

प्रतियोगिता की शुरुआत से ही छत्तीसगढ़ की टीम का दबदबा देखने को मिला। टीम ने पहले लीग मैच में तेलंगाना को 31-1 के बड़े अंतर से हराया, जबकि दूसरे मैच में गुजरात को 18-14 से मात दी। प्री-क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश को 27-6 के विशाल अंतर से हराकर टीम ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

टीम की कप्तान टी. साईका (दुर्ग) ने अदम्य साहस का परिचय दिया। क्वार्टर फाइनल के दौरान पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा और टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका यह जज्बा पूरी टीम के लिए प्रेरणा बना।

टीम की जीत में सोनाक्षी मांडवी (दुर्ग), मेघा कुमारी डहरिया (जांजगीर-चांपा), निशा वर्मा व सुषमा नायक (रायपुर), झिलमिल सोनकर (राजनांदगांव), सिमरन भगत व रुद्राक्षी (सरगुजा) तथा प्रियंका व पूजा (धमतरी) का अहम योगदान रहा।

जांजगीर के खोखरा में आयोजित 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर ने टीम की इस सफलता की नींव रखी। पूर्व नेशनल खिलाड़ी व कोच पूनम निषाद के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने हर पोजीशन पर संतुलित खेल दिखाया, वहीं टीम मैनेजर नितेश ने भी खिलाड़ियों का प्रभावी मार्गदर्शन किया।

नेटबॉल स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के जनरल सेक्रेटरी राजेश राठौर ने टीम की इस उपलब्धि को खिलाड़ियों की मेहनत और कोचिंग स्टाफ के समर्पण का परिणाम बताया। वहीं अध्यक्ष मीना केरकेट्टा ने कहा कि टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और आने वाले समय में गोल्ड मेडल जीतने के लक्ष्य के साथ और मजबूती से मैदान में उतरेगी।

छत्तीसगढ़ की बेटियों की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है।

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