Chhattisgarh

सारंगढ़ तहसील में एन.के. सिन्हा ने संभाला पदभार, राजस्व मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के जिला मुख्यालय स्थित तहसील कार्यालय में 2016 बैच के तहसीलदार एन.के. सिन्हा ने सोमवार को विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। उन्होंने प्रभारी नायब तहसीलदार प्रकाश पटेल से चार्ज लेकर कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिए कि राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कार्यभार संभालने के तुरंत बाद तहसीलदार सिन्हा ने कार्यालयीन स्टाफ, राजस्व निरीक्षकों (आरआई) और पटवारियों की बैठक ली। बैठक में सीमांकन, बंटवारा और अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई। उन्होंने अब तक की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

मीडिया से चर्चा में तहसीलदार सिन्हा ने बताया कि वे पूर्व में रायगढ़ एवं नवगठित शक्ति जिले में भी तहसीलदार के रूप में पदस्थ रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा से राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण रही है और सारंगढ़ में भी यही कार्यशैली लागू की जाएगी।

साप्ताहिक कार्ययोजना निर्धारित

नवपदस्थ तहसीलदार ने सप्ताह के अलग-अलग दिनों के लिए कार्ययोजना निर्धारित की है—

सोमवार – हल्का दिवस: संबंधित पटवारी अपने-अपने हल्का मुख्यालय में उपस्थित रहकर आमजनों की समस्याएं सुनेंगे और निराकरण करेंगे।

बुधवार – सीमांकन दिवस: सीमांकन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। विवादित मामलों में संबंधित आरआई मौके पर जाकर निराकरण सुनिश्चित करेंगे।

शुक्रवार – साप्ताहिक समीक्षा बैठक: सभी प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

अन्य दिनों में तहसीलदार स्वयं कार्यालय में उपस्थित रहकर राजस्व मामलों की सुनवाई करेंगे।

तहसीलदार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि लंबित प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तहसील कार्यालय में कार्य पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होंगे।

उल्लेखनीय है कि जिले के गठन के बाद आमजन लंबे समय से राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की अपेक्षा कर रहे थे। ऐसे में नए तहसीलदार की सक्रिय कार्यशैली से लोगों में उम्मीद जगी है कि सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों में तेजी आएगी।

तहसील कार्यालय में नए नेतृत्व के साथ प्रशासनिक कसावट और कार्यसंस्कृति में सुधार की संभावना जताई जा रही है।

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