Chhattisgarh

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के छात्रावास में दूषित पानी से फैला संक्रमण, एक दर्जन से अधिक छात्राएं पीलिया से ग्रसित

रायपुर, 20 फरवरी। राजधानी स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के नवीन कन्या छात्रावास में दूषित पेयजल पीने से एक दर्जन से अधिक छात्राएं पीलिया (जॉन्डिस) से ग्रसित हो गई हैं। दो छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर (एम्स) में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद छात्रावास परिसर में हड़कंप की स्थिति है।

जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के मूल विज्ञान केंद्र की कई छात्राएं पिछले कुछ दिनों से उल्टी, कमजोरी, बुखार और पीलिया जैसे लक्षणों से पीड़ित थीं। स्वास्थ्य जांच के दौरान संक्रमण की पुष्टि होने पर उनका इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों ने दूषित पानी को संभावित कारण बताया है। संक्रमण फैलने की आशंका के चलते छात्रावास की कई छात्राएं एहतियातन अपने घर लौट गई हैं।

छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में लंबे समय से पेयजल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। पानी में बदबू आने और रंग बदलने की समस्या पहले भी सामने आई थी, लेकिन प्रबंधन द्वारा नियमित सफाई और तकनीकी जांच नहीं कराई गई। विशेष रूप से वाटर कूलरों की समय पर सफाई और पानी की लैब जांच नहीं होने से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है।

इधर, छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मामले को गंभीर बताते हुए पेयजल की तत्काल लैब जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है। साथ ही छात्रावास में पानी की गुणवत्ता की जांच, टंकियों की सफाई और आवश्यक स्वास्थ्य उपाय तत्काल शुरू किए जाने का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल बीमार छात्राओं का उपचार जारी है और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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