Chhattisgarh

आयुर्वेदिक उपचार से अवसाद और अनिद्रा में राहत, 14 साल से नींद की दवा ले रहे मरीज को मिला लाभ


कोरबा, 11 फरवरी। आयुर्वेदिक चिकित्सा के जरिए अवसाद (एंग्जायटी) और अनिद्रा जैसी दीर्घकालीन समस्याओं से राहत मिलने का एक मामला सामने आया है। मुड़ापार निवासी रामरतन साह ने दावा किया है कि लंबे समय से चली आ रही उनकी मानसिक व शारीरिक परेशानियों में आयुर्वेदिक उपचार से उल्लेखनीय सुधार हुआ है।


जानकारी के अनुसार रामरतन साह पिछले लगभग 14 वर्षों से घबराहट, बेचैनी, डर, नींद न आना और किसी काम में मन न लगने जैसी समस्याओं से पीड़ित थे। अनिद्रा के कारण वे लंबे समय से नींद की दवाओं का सेवन कर रहे थे, लेकिन उन्हें स्थायी लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस दौरान आंखों की रोशनी में कमी और घुटनों में दर्द की शिकायत भी बढ़ने लगी थी।
बाद में उन्होंने आयुर्वेदिक उपचार लेने का निर्णय लिया और निहारिका स्थित श्री शिव औषधालय में नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा से परामर्श लिया। चिकित्सक ने नाड़ी परीक्षण सहित पारंपरिक पद्धति से जांच कर दवाएं, परहेज और दिनचर्या संबंधी निर्देश दिए।
मरीज के अनुसार करीब दो माह तक आयुर्वेदिक दवाओं और बताए गए नियमों का पालन करने के बाद उनकी घबराहट, बेचैनी और अनिद्रा की समस्या में सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि अब उनकी नींद सामान्य हो गई है और नींद की गोलियों पर निर्भरता भी समाप्त हो गई है।
नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा का कहना है कि आयुर्वेद समग्र चिकित्सा पद्धति है, जिसमें रोग के साथ-साथ रोगी की प्रकृति, आहार-विहार और जीवनशैली को ध्यान में रखकर उपचार किया जाता है। उचित परामर्श और परहेज के साथ उपचार करने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

Related Articles

Back to top button