कोरबा : सीएसईबी कॉलोनी के 428 क्वार्टरों से खिड़की-दरवाजों की चोरी, तीन साल से कंडम घोषित आवास बने चोरों का निशाना

कोरबा । कोरबा-पूर्व स्थित सीएसईबी कॉलोनी के अंतर्गत आने वाले 428 शासकीय आवासों से खिड़की और दरवाजों की चोरी का मामला सामने आया है। ये सभी मकान प्रबंधन द्वारा करीब तीन साल पहले कंडम घोषित किए जा चुके हैं। कंडम घोषित होने के बाद यहां रह रहे कर्मचारियों व परिवारों को आवास खाली करने का नोटिस भी जारी किया गया था।
जानकारी के अनुसार लगभग एक साल पहले कॉलोनी के पांच ब्लॉकों में डिस्मेंटल (तोड़फोड़) का कार्य शुरू किया गया था। ठेका कंपनी द्वारा मकानों को तोड़ने के बाद मलबा भी हटा लिया गया, लेकिन इसके बाद यह काम अचानक बंद हो गया। वर्तमान स्थिति यह है कि अभी भी 300 से अधिक मकानों का डिस्मेंटल कार्य शेष है, जो बीते करीब एक साल से बंद पड़ा हुआ है।
डिस्मेंटल कार्य के रुक जाने और मकानों के लंबे समय से खाली रहने का फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं। खाली पड़े इन आवासों से खिड़की, दरवाजे और अन्य लोहे-लकड़ी के सामान चोरी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में न तो नियमित निगरानी है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था, जिसके चलते चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं।
इस संबंध में सिविल विभाग के अधीक्षण अभियंता एच.एल. भूआर्य ने बताया कि डिस्मेंटल का काम क्यों बंद है, इसकी जानकारी चीफ इंजीनियर ही दे सकते हैं। विभागीय स्तर पर स्पष्ट जवाब न मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतने बड़े आवासीय परिसर को बिना सुरक्षा और निगरानी के क्यों छोड़ दिया गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते डिस्मेंटल कार्य पूरा किया जाता या सुरक्षा व्यवस्था की जाती, तो सरकारी संपत्ति की इस तरह से चोरी नहीं होती। अब जरूरत है कि प्रबंधन और संबंधित विभाग जल्द निर्णय लेकर या तो शेष मकानों का डिस्मेंटल पूरा कराए या फिर चोरी रोकने के लिए ठोस सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।




