Chhattisgarh

एनडीपीएस एक्ट के विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण सम्पन्न

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

दुर्ग – एनडीपीएस. एक्ट के अंतर्गत प्रकरणों की विवेचना को अधिक प्रभावी , विधिसम्मत एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज पुलिस अधिकारी/विवेचकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पुरानी पुलिस लाईन दुर्ग स्थित दधीचि प्रशिक्षण हाल में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अभिषेक शांडिल्य भापुसे पुलिस महानिरीक्षक , दुर्ग रेंज द्वारा एनडीपीएस. एक्ट के प्रकरणों में केस-स्टडी के माध्यम से विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुये विधिसम्मत कार्यवाही किये जाने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

वहीं विजय अग्रवाल भापुसे उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग द्वारा नशीली टेबलेट एवं कैप्सूल से संबंधित प्रकरणों में कार्यवाही के समय ध्यान देने वाली बात और विवेचना की गुणवत्ता को बढ़ाये जाने के संबंध में बताया गया। डिप्टी डायरेक्टर (प्रॉसिक्यूशन) भीम सिंह राजपूत द्वारा धारा 50 एनडीपीएस. एक्ट के प्रावधानों के पालन , जप्तशुदा मादक पदार्थ को शीघ्र एफएसएल. परीक्षण हेतु भेजने , धारा 55 के अंतर्गत जप्त माल की सुरक्षित अभिरक्षा एवं चेन ऑफ कस्टडी तथा धारा 57 के अंतर्गत संपूर्ण कार्यवाही की सूचना देने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही एक से अधिक आरोपियों की स्थिति में धारा 29 एनडीपीएस. एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही करने पर भी प्रकाश डाला गया।

इसी कड़ी में माननीया श्रीमती सुनीता टोप्पो‌ विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस.), माननीय न्यायालय दुर्ग द्वारा एनडीपीएस. एक्ट के प्रकरणों में सूक्ष्म साक्ष्यों के महत्व , दस्तावेजी साक्ष्य की शुद्धता एवं विवेचना के दौरान संपूर्ण विवरण स्पष्ट रूप से लेखबद्ध करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।‌ माननीय रवि कश्यप न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी , माननीय न्यायालय, दुर्ग द्वारा विवेचकों को एनडीपीएस. एक्ट के मामलों में विवेचना की बारीकियों को समझाते हुये न्यायालयीन अपेक्षाओं के अनुरूप जांच कार्यवाही किये जाने के संबंध में जानकारी दी गई। पंकज ताम्रकार वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी , एफएसएल. भिलाई द्वारा नशीली टेबलेट एवं कैप्सूल से संबंधित मामलों में सैंपलिंग प्रक्रिया , घटनास्थल पर स्पष्ट एवं त्रुटिरहित दस्तावेज तैयार करने , ओवरराइटिंग से बचने तथा जप्तशुदा मादक पदार्थ को शीघ्र एफएसएल. परीक्षण हेतु भेजने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।

तत्पश्चात मणिशंकर चन्द्रा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), जिला दुर्ग द्वारा नशीली टेबलेट/कैप्सूल प्रकरणों में विवेचना , जप्त माल की सुरक्षित अभिरक्षा से लेकर एफएसएल. भेजने तक चेन ऑफ कस्टडी , संपूर्ण कार्यवाही की सूचना , धारा 29 एनडीपीएस. एक्ट के प्रयोग , आगजनी के दौरान संपत्ति क्षति का विवरण एवं मर्ग जांच में परिस्थितिजन्य तथ्यों के उल्लेख के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में चन्द्रप्रकाश तिवारी उप पुलिस अधीक्षक (लाईन), दुर्ग सहित जिले के विभिन्न थानों से लगभग पचहत्तर पुलिस अधिकारी/विवेचक उपस्थित रहे।

दुर्ग पुलिस की अपील –

दुर्ग पुलिस समस्त विवेचकों से अपील करती है कि एनडीपीएस. एक्ट के प्रकरणों में विधिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन करते हुये निष्पक्ष , सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करें , जिससे दोषियों को न्यायालय से दण्ड दिलाया जा सके एवं समाज को नशामुक्त रखने में प्रभावी योगदान दिया जा सके।

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