Chhattisgarh

कुटरा के शासकीय स्कूल में चला जैविक खेती अभियान, छात्र-छात्राओं को दी गई प्राकृतिक खेती, पराली न जलाने और जल संरक्षण की सीख

जांजगीर-चांपा। जिले के बहेराडीह गांव में स्थित देश के पहले वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल द्वारा संचालित ‘जैविक खेती अभियान’ के तहत पं. रामसरकार पांडेय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुटरा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को जैविक खेती के लाभों, रासायनिक खाद के दुष्प्रभावों, पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना रहा।

किसान स्कूल बहेराडीह की टीम द्वारा विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को जैविक खेती के महत्व से अवगत कराया गया। टीम ने बताया कि किस प्रकार गांवों की चौपाल, स्कूल और कॉलेजों में जाकर ग्रामीणों व विद्यार्थियों को जैविक खेती के लाभ और रासायनिक खाद के नुकसान के बारे में जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के संचालक दीनदयाल यादव ने छात्र-छात्राओं को जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में रासायनिक खाद का अंधाधुंध उपयोग गंभीर समस्या बन चुका है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है, बल्कि खाद्य पदार्थों के माध्यम से इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जैविक खेती से उत्पादित खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और लाभकारी होते हैं तथा इससे पर्यावरण संतुलन भी बना रहता है। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने जैविक खेती को लेकर कई प्रश्न पूछे, जिनका दीनदयाल यादव ने सरल और सार्थक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम में नवाचारी किसान रामाधार देवांगन ने ‘वेस्ट से बेस्ट’ की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसान स्कूल बहेराडीह में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी देते हुए केले की शाखा, भिंडी, अलसी और अमारी भाजी के डंठलों से रेशा निकालने तथा उससे कपड़ा बनाने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। इन नवाचारों को देखकर छात्र-छात्राएं हैरान रह गए और उनमें इन तकनीकों को जानने की उत्सुकता और बढ़ गई। रामाधार देवांगन ने रेशा निकालने से लेकर कपड़ा तैयार होने तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी।

किसान स्कूल के सदस्य राजकुमार साहू ने किसान स्कूल की स्थापना, किसानों को दी जाने वाली निःशुल्क प्रशिक्षण सुविधाओं, किए जा रहे नवाचारों और ‘जैविक खेती अभियान’ के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पराली नहीं जलाने, जल संरक्षण करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही, जैविक खेती अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील भी की गई।

कार्यक्रम में पत्रकार हिमांशु साहू, विद्यालय के प्राचार्य संदीप श्रीवास्तव, व्याख्याता अनुराग तिवारी, अवधेश शर्मा, महावीर विजर्सन, श्रीमती काजल कर, उमेश चौबे, दीनानाथ उपाध्याय, खिलेंद्र तिवारी, कमल किशोर कौशिक, श्रीमती नीलिमा पाठक, श्रीमती चंद्रावती रात्रे, श्रीमती काजल कहरा, सुरेश कुमार हंस, शेखर साहू, हेमेश्वर नर्मदा, मकरम कमलाकर तथा भृत्य संदीप कश्यप सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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