कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक, जाज्वल्यदेव महोत्सव व एग्रीटेक कृषि मेला की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित कर जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आगामी 11 से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले जाज्वल्यदेव महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर ने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं, विभागीय समन्वय और कार्यक्रम की रूपरेखा की समीक्षा करते हुए कहा कि जांजगीर-चांपा कृषि प्रधान जिला है, ऐसे में मेले में लगाए जाने वाले स्टॉल किसानों की आवश्यकता और हित को ध्यान में रखते हुए लगाए जाएं। उन्होंने कृषि आधारित योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, उर्वरक, जैविक खेती, पशुपालन एवं उद्यानिकी से संबंधित जानकारी किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रोजगार मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्मारिका प्रकाशन एवं कृषक संगोष्ठी के आयोजन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कृषक संगोष्ठी के माध्यम से किसानों को नवीन तकनीकों, शासकीय योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिकायत का समाधान होने के बाद हितग्राही को अनिवार्य रूप से अवगत कराने पर जोर दिया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लाभार्थियों का विश्वास मजबूत हो। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत क्यूआर कोड के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीणों को कार्यों की जानकारी, पारदर्शिता और निगरानी में सुविधा मिल सके।
कलेक्टर ने जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े सभी कार्यों की नियमित रूप से पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। फील्ड में किए जा रहे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सभी जल संरक्षण गतिविधियों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सोखता गड्ढों के निर्माण में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि भू-जल स्तर में सुधार और वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण सुनिश्चित हो सके। खनिज विभाग की रॉयल्टी वसूली की समीक्षा करते हुए खदानों की नियमित जांच के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में रबी फसल के दौरान धान के स्थान पर अधिक लाभदायक वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की गई। दलहन, तिलहन एवं कम पानी वाली फसलों की ओर किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जल संरक्षण के साथ किसानों की आय में वृद्धि हो सके। आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को रक्तदान शिविरों का आयोजन शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार करने तथा शिविर आयोजन से पूर्व विधिवत अनुमति लेने के निर्देश दिए गए। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत जनपद पंचायतवार शिविर लगाने और एक गांव को मॉडल सौर ऊर्जा गांव के रूप में विकसित कर शत-प्रतिशत घरों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा अपार आईडी, आभा, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए ग्राम एवं नगरीय निकाय स्तर पर संयुक्त शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। सभी शासकीय कार्यालयों में ई-अटेंडेंस को अनिवार्य रूप से लागू करने और ई-फाइल प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया, ताकि कार्यों में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर स्निग्धा तिवारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




