Chhattisgarh

आम बजट 2026 निराशाजनक, आर्थिक सुस्ती दूर करने में विफल — दीपेश मिश्रा

कोरबा । आम बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए एटक के प्रतिनिधि दीपेश मिश्रा ने इसे पूरी तरह निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुस्ती के माहौल में पेश किया गया यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में असफल साबित होगा।

दीपेश मिश्रा ने कहा कि मौजूदा समय में आर्थिक मंदी से उबरने के लिए उपभोग और निवेश में वृद्धि आवश्यक है, लेकिन बजट में ऐसा कोई ठोस प्रोत्साहन नजर नहीं आता। सरकार ने न तो बाजार में मांग बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं और न ही निवेश को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस नीति दिखाई देती है।

उन्होंने बजट में सैलरीड क्लास की पूरी तरह अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया। आयकर स्लैब में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है और न ही करदाताओं को कोई अतिरिक्त छूट दी गई है। इससे मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

दीपेश मिश्रा ने कहा कि बजट में आम जनता और मजदूर वर्ग के लिए भी कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। विशेष रूप से देश के लगभग 52 करोड़ असंगठित मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया, जो बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन बजट में उनके भविष्य, सुरक्षा और कल्याण को लेकर सरकार की गंभीरता नजर नहीं आती। स्वास्थ्य, पेंशन, बीमा और रोजगार सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बजट पूरी तरह खामोश है।

अंत में दीपेश मिश्रा ने कहा कि कुल मिलाकर आम बजट 2026 जनता, मजदूरों और मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता और यह बजट अपेक्षाओं की कसौटी पर पूरी तरह विफल और निराशाजनक साबित हुआ है।

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