IAS, IPS, IFS के लिए कैडर एलाटमेंट सिस्टम बदला: छत्तीसगढ़ के अफसर अब केंद्र शासित प्रदेशों के साथ दिल्ली-आंध्रा भी जाएंगे

रायपुर। केंद्र सरकार ने आईएएस, आईपीएस और आईएफएस चयनित उम्मीदवारों के लिए कैडर एलाटमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब सभी राज्यों को चार जोन में बांटा गया है। जो राज्य जिस जोन में है अब वहीं के अफसर ही एक-दूसरे राज्य में जा सकेंगे। छत्तीसगढ़ जोन-1 में रखा गया है, जिसमें दिल्ली व केंद्र शासित प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय और बिहार शामिल है। छत्तीसगढ़ के अधिकारी इन राज्यों में जा सकेंगे। केंद्र सरकार ने यूपीएससी कैडर अलॉटमेंट के लिए 2017 से चले आ रहे जोन सिस्टम को खत्म कर दिया है। इसकी जगह नई कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026 लागू कर दी गई है। दरअसल पुराने सिस्टम में यदि कैंडिडेट ने नॉर्थ जोन के हरियाणा कैडर को प्रेफरेंस दिया।
ऐसे में संभावना रहती थी कि अगर उसे हरियाणा नहीं मिलता तो राजस्थान या उत्तर प्रदेश मिल जाता था। लेकिन नए सिस्टम में एक जोन के भीतर अल्फाबेटिकली अरेंज स्टेट होते हैं। इसका मतलब H- हरियाणा, J-झारखंड और K- केरल एक जोन में होंगे। ऐसे में नियुक्ति हरियाणा के अलावा झारखंड, कर्नाटक और केरल भी मिल सकता है।
हर साल अलग ग्रुप से शुरू होगा कैडर एलोकेशन: पुरानी व्यवस्था में ज्यादातर टॉपर कैंडिडेट्स एक ही जोन चुनते थे जिससे कुछ जोन्स को मेरिटोरियस ऑफिसर नहीं मिल पाते थे। नई व्यवस्था में रोटेशन लागू होगा। यानी हर साल अलग ग्रुप से कैडर एलोकेशन शुरू होगा। जैसे इस साल ग्रुप 1 के राज्यों से अफसरों की भर्ती शुरू हुई, तो अगले साल ग्रुप 2 के राज्यों से शुरू होगी। इससे हर साल एक ही राज्य को सारे मेरिटोरियस अफसर नहीं मिलेंगे। सभी राज्यों को बराबर का मौका मिलेगा।
पहले पांच जोन में बांटे गए थे 25 कैडर : यूपीएससी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 25 कैडर बनाए थे। इन्हें पांच अलग-अलग जोन- नॉर्थ, वेस्ट, साउथ, सेंट्रल और ईस्ट में बांटा गया था। सलेक्शन के बाद पहले पहले जोन और फिर स्टेट प्रिफरेंस चुनने का मौका मिलता था। एक बार जिस स्टेट में ऑफिसर की नियुक्ति होती है, परमानेंट उसी स्टेट में काम करना होता है। इसे ही कैडर कहते हैं।
छत्तीसगढ़ में आईएएस के 30, आईपीएस के 19 और आईएफएस के 35 पद रिक्त
वर्तमान में भी छत्तीसगढ़ में आईएएस के 202 पद स्वीकृत हैं इनमें से 169 अफसर कार्यरत हैं। यानी 33 अफसरों की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए दिसंबर 2025 में तीन नए अफसरों की नियुक्ति की गई है। इस तरह 172 आईएएस प्रदेश में पदस्थ हैं। वहीं आईपीएस के स्वीकृत पद 153 हैं जबकि कुल 129 अफसर ही पदस्थ हैं। हाल ही में इस तरह आईपीएस के 24 पद रिक्त हैं। राज्य में 153 आईएफएस के पद हैं, लेकिन 118 पदस्थ हैं। इस तरह प्रदेश में आईएफएस के 35 पद रिक्त पड़े हैं।
अफसरों के बीच बेहतर होगा तालमेल
नया एलाटमेंट सिस्टम से अफसरों की कमी दूर होने की पूरी संभावना है। ग्रुप इसलिए बनाया गया ताकि अफसरों का इन राज्यों के बीच बेहतर तालमेल हो सकेगा। इससे होम कैडर अलाटमेंट में भी पारदर्शिता आएगी।
- बीकेएस रे, पूर्व एसीएस, छत्तीसगढ़










