पोरा बाई नकल प्रकरण में बड़ा फैसला, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई 5 साल की कठोर सजा

जांजगीर-चांपा जिले के चर्चित पोरा बाई नकल प्रकरण में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपील की सुनवाई के बाद न्यायालय ने छात्रा पोरा बाई सहित चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष की कठोर कारावास की सजा और 5-5 हजार रुपए के आर्थिक दंड से दंडित किया है।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जी.आर. पटेल के न्यायालय में इस मामले की अपील पर सुनवाई हुई। सुनवाई के पश्चात न्यायालय ने पोरा बाई, फूल साय नृशी, एस.एल. जाटव और दीपक जाटव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
मामला वर्ष 2008 का है, जब बिर्रा हायर सेकेंडरी परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी और गंभीर अनियमितताओं का आरोप सामने आया था। जांच में यह पाया गया कि परीक्षा संबंधी दस्तावेजों में गड़बड़ी कर नियमों का उल्लंघन किया गया। इसी प्रकरण में आरोप तय किए गए थे।
उल्लेखनीय है कि छात्रा पोरा बाई ने कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रदेश की प्रवीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, जिसके बाद यह मामला काफी चर्चाओं में रहा। बाद में दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
इस मामले में पूर्व में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, चांपा की अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की गई थी। अपील पर सुनवाई करते हुए द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
न्यायालय के इस फैसले के बाद एक बार फिर यह प्रकरण चर्चा में आ गया है। मामले को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता से जोड़कर देखा जा रहा है।










