डॉ. ज्योति सक्सेना के नेतृत्व में डिजिटल हिंदी शिक्षा की नई पहल, 750 से अधिक विद्यार्थी सीख रहे हिंदी की बारीकियां

जांजगीर-चांपा। शासकीय हाई स्कूल मुलमुला की नवाचारी व्याख्याता डॉ. ज्योति सक्सेना के नेतृत्व में हिंदी विषय की डिजिटल शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से संचालित ऑनलाइन हिंदी कक्षाओं से वर्तमान में प्रदेशभर के 750 से अधिक छात्र-छात्राएं जुड़ चुके हैं और हिंदी विषय की बारीकियों को सहज एवं रोचक तरीके से सीख रहे हैं।
डॉ. ज्योति सक्सेना द्वारा शुरू की गई यह डिजिटल पहल अब जांजगीर-चांपा जिले तक सीमित न रहकर बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और कोरबा जैसे जिलों तक फैल चुकी है। इन ऑनलाइन कक्षाओं में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थी सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं, जिससे शिक्षा की पहुंच सुदूर अंचलों तक सुनिश्चित हो रही है।
इस अभियान में कुटरा विद्यालय के राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित व्याख्याता श्री अनुराग तिवारी का विशेष सहयोग भी मिल रहा है। वे प्रतिदिन ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़कर विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और तकनीकी एवं विषयगत मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। साथ ही, वे पिछले पांच वर्षों के प्रश्न पत्रों से संबंधित उपयोगी नोट्स के पीडीएफ विद्यार्थियों तक पहुंचा रहे हैं।
डॉ. ज्योति सक्सेना के कुशल प्रबंधन और नवाचारों के कारण विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय हिंदी शिक्षा उपलब्ध हो रही है। कक्षाओं में स्वनिर्मित नोट्स, याद रखने की ट्रिक्स, सूत्र वाक्य, माइंड मैप, शॉर्ट्स नोट्स, चित्रों के माध्यम से समझाना, कमजोर विद्यार्थियों के लिए उनकी क्षमता के अनुरूप विशेष नोट्स तथा मोटिवेशन क्लास शामिल हैं। इसके साथ ही लेखन अभ्यास, रचनात्मक लेखन, निबंध लेखन, पत्र एवं आवेदन पत्र लेखन, अपठित गद्यांश, कविता की व्याख्या, संदर्भ-प्रसंग, अनुक्रमणिका, विषय सूची और हिंदी व्याकरण की संपूर्ण जानकारी भी दी जा रही है।
कोरोना काल से लेकर आज तक डॉ. ज्योति सक्सेना लगातार विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए मार्गदर्शन देती आ रही हैं। वे विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ जरूरतमंद बच्चों को किताब, कॉपी, गाइड, स्टेशनरी, निःशुल्क सेनेटरी पैड, आर्ट एंड क्राफ्ट का प्रशिक्षण और मोटिवेशन क्लास भी उपलब्ध करा रही हैं। शिक्षा में तकनीकी के प्रभावी उपयोग से शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
शिक्षा को सेवा मानते हुए डॉ. ज्योति सक्सेना और श्री अनुराग तिवारी द्वारा इस ‘शिक्षा दान, महादान’ अभियान से अन्य शिक्षकों को भी जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि अन्य विषयों के व्याख्याता भी जागरूक होकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर सकें। इसका उद्देश्य यह है कि विद्यार्थियों की सभी शंकाएं दूर हों, परीक्षा का डर समाप्त हो और कोई भी प्रश्न अनुत्तरित न रहे।
बोर्ड परीक्षा समाप्ति तक डॉ. ज्योति सक्सेना एवं श्री अनुराग तिवारी द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से नोट्स के पीडीएफ साझा कर विद्यार्थियों की हर जरूरत का ध्यान रखा जाएगा। यह डिजिटल शिक्षा पहल प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रही है।



