चारधाम यात्रा 2026: अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के द्वार, 23 अप्रैल को बद्री विशाल देंगे दर्शन

0 पिछले साल की तुलना में 11 दिन पहले खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट
0 18 अप्रैल को मुखवा से रवाना होगी मां गंगा की उत्सव डोली, यात्रा की तैयारियां तेज
देहरादून/ऋषिकेश। विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का बिगुल बज चुका है। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित पवित्र धामों के कपाट खुलने की तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष श्रद्धालुओं को बाबा बद्री विशाल के दर्शन पिछले साल के मुकाबले 11 दिन पहले प्राप्त होंगे। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर नरेंद्र नगर राजमहल में राजपुरोहितों द्वारा गणना के पश्चात कपाट खोलने के मुहूर्त तय किए गए हैं।
धामों के कपाट खुलने का कार्यक्रम
पंचांग गणना और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस वर्ष कपाट खुलने का समय इस प्रकार रहेगा:
- गंगोत्री व यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर इन दोनों धामों के कपाट विधि-विधान से भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे।
- बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे।
डोली यात्रा और परंपराएं
कपाट खुलने से पहले मां गंगा और मां यमुना की उत्सव डोलियां अपने शीतकालीन प्रवास स्थलों से प्रस्थान करेंगी:
- मां गंगा की डोली: 18 अप्रैल को शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव से रवाना होगी और भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम पहुंचेगी।
- मां यमुना की डोली: 19 अप्रैल की सुबह खरशाली से प्रस्थान कर उसी दिन यमुनोत्री धाम पहुंचेगी।
- गाडू घड़ा यात्रा: बद्रीनाथ धाम के लिए तिल का तेल निकालने की प्राचीन परंपरा के अनुसार महिलाएं मुंह पर पीला कपड़ा बांधकर पवित्रता के साथ तेल निकालती हैं, जो कपाट खुलने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
फ्लैशबैक: 2025 में कब बंद हुए थे कपाट?
बीते वर्ष (2025) की बात करें तो शीतकाल के लिए धामों के कपाट निम्न तिथियों पर बंद हुए थे:
- गंगोत्री: 22 अक्टूबर 2025
- यमुनोत्री: 23 अक्टूबर 2025
- बद्रीनाथ: 25 नवंबर 2025 (दोपहर 2:56 बजे)
वर्तमान में बद्रीनाथ धाम की शीतकालीन पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में संचालित की जा रही है। कपाट खुलने की घोषणा के साथ ही प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों ने यात्रा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है



