Utterpradesh

अयोध्‍या धाम और पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में नॉन वेज की बिक्री पर रोक, ऑनलाइन डिलिवरी भी नहीं होगी

अयोध्‍या धाम की पवित्रता और शुचिता बनाए रखने के लिए अयोध्‍या धाम और पंचकोसी परिक्रमा के भीतर नॉनवेज की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह रोक ऑनलाइन डिलिवरी पर भी रहेगी। अयोध्या प्रशासन ने शुक्रवार को राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन की सप्‍लाई पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इस मामले में सहायक खाद्य आयुक्‍त ने अयोध्‍या कैंट के होटलों को निर्देश दिया है।

प्रशासन का यह आदेश अयोध्‍या धाम होटल, ढाबे, दुकानों पर तो लागू होगा ही उसके साथ ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों को भी यह नियम मानना होगा। ऐसी शिकायतें पयर्टकों की ओर से आ रही थीं कि गेस्‍ट हाउस वगैरह में नॉनवेज परोसा जा रहा था। ऑनलाइन डिलिवरी का भी मामला सामने आया था।

इन सब शिकायतों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। सहायक खाद्य आयुक्‍त की ओर से सभी होटल, दुकानदार और डिलीवरी कंपनियों को आदेश की जानकारी दी गई। सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने इस आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश का कड़ाई से पालन हो रहा है कि नहीं इसे देखने के लिए प्रशासन आलगातार मॉनिटरिंग करता रहेगा।

आदेश के पीछे की वजह यह है

इस आदेश के पीछे की वजह के बारे यह चर्चा है कि राम मंदिर और उसके आसपास मांसाहार की बिक्री पर रोक है। लेकिन लगातार उसका उल्‍लंघन हो रहा था। कुछ होटल, गेस्‍ट हाउस और होम स्‍टे वाले इसका पालन नहीं कर रहे थे। यह भी शिकायत मिली थी कि यहां जो टूरिस्‍ट आकर ठहरते हैं उनके लिए ऑनलाइन डिलिवरी के जरिए भी नॉनवेज मंगवाया जाता है। इसी वजह से अयोध्‍या धाम और परिक्राम क्षेत्र में नॉनवेज की ऑनलाइन डिलिवरी पर भी रोक लगा दी है।

यह कदम अयोध्या नगर निगम द्वारा पिछले वर्ष मई में अयोध्या और फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे राम पथ पर शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय के बाद उठाया गया है। नौ महीने बीत जाने के बाद भी, शराब की बिक्री पर प्रतिबंध का व्यापक असर देखने को नहीं मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राम पथ पर अब भी दो दर्जन से अधिक दुकानें खुलेआम शराब बेच रही हैं। इस देरी पर प्रतिक्रिया देते हुए, एक नगर निगम अधिकारी ने कहा कि निगम ने फैजाबाद एवं राम पथ पर स्थित मांस की दुकानों को हटा दिया था, लेकिन शराब की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन से अनुमति आवश्यक है।

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