Chhattisgarh

मुंगेली पुलिस का ‘पहल’ अभियान: व्यापारियों के साथ साइबर सुरक्षा, यातायात नियम और नशामुक्ति पर संवाद

मुंगेली, 09 जनवरी। जिले में अपराध नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता को मजबूती देने के उद्देश्य से मुंगेली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जिला स्तरीय जन-जागरूकता अभियान ‘पहल’ के तहत शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने की।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों को साइबर अपराध, यातायात सुरक्षा, नशा एवं ड्रग्स के दुष्प्रभाव तथा नवीन कानूनों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और व्यापारी वर्ग भी इसके शिकार हो रहे हैं। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड या बैंकिंग धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराना अत्यंत आवश्यक है। समय पर सूचना मिलने से न केवल अपराधियों तक पहुंच बनाई जा सकती है, बल्कि पीड़ित की राशि को भी सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने व्यापारियों से स्वयं सतर्क रहने और अपने ग्राहकों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।

यातायात नियमों पर चर्चा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें लापरवाही के कारण होती हैं। नाबालिगों को वाहन न देने, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, गति सीमा का पालन तथा वाहन दस्तावेजों को दुरुस्त रखने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने व्यापारियों से आग्रह किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें। साथ ही दुकानों के सामने लगे होर्डिंग को इस प्रकार व्यवस्थित करने का सुझाव दिया गया, जिससे बाहर से आने वाले ग्राहक अपने दोपहिया वाहन सुरक्षित रूप से पार्क कर सकें और सड़क पर यातायात बाधित न हो।

बैठक में नशा एवं ड्रग्स के दुष्प्रभावों पर भी गंभीर चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने व्यापारिक संगठनों से अपील की कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। मेडिकल स्टोर संचालकों से भी आग्रह किया गया कि वे किसी भी प्रकार की नशीली दवाओं का अवैध भंडारण या बिक्री न करें।

इसके साथ ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दाऊपारा चौक से बालानी चौक और पड़ाव चौक क्षेत्र के व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को सही ढंग से संचालित और व्यवस्थित रखने की अपील की गई, ताकि किसी भी आपराधिक घटना, यातायात अव्यवस्था या संदिग्ध असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने मुंगेली पुलिस के ‘पहल’ अभियान की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और नशामुक्ति, साइबर फ्रॉड एवं यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने में पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि व्यापारी समाज जिले की आर्थिक रीढ़ है। यदि व्यापारी जागरूक होंगे तो आम नागरिक भी स्वतः सुरक्षित होंगे। पुलिस और समाज के समन्वय से ही सुरक्षित, स्वस्थ और कानूनसम्मत मुंगेली का निर्माण संभव है।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नरेंद्र कोटरिया, उपाध्यक्ष प्रेम आर्य, महामंत्री प्रवीण वैष्णव, जिला मुंगेली चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष राजकुमार वाधवा, सचिन वाधवा, शरद ताम्रकार, निखिल आडवाणी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे। बैठक का समापन सकारात्मक संवाद और आपसी सहयोग की भावना के साथ हुआ।

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