Chhattisgarh

कोरबा: खदान के मुहाने पर मिला ठेका मजदूर का शव, बाइक हादसे में मौत की आशंका, 18 घंटे तक घायल अवस्था में पड़ा रहा

कोरबा। जिले के सर्वमंगला चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोनपुरी से शनिवार रात कोरबा अस्पताल के लिए निकला एक युवक अस्पताल नहीं पहुंच सका। परिजनों द्वारा लगातार खोजबीन के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो इसकी सूचना सर्वमंगला चौकी पुलिस को दी गई। रविवार देर शाम सड़क किनारे खदान के मुहाने पर एक शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां शव की पहचान लापता युवक के रूप में हुई।

मृतक की पहचान हरदीबाजार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बोईदा निवासी चंद्रशेखर मरार (32 वर्ष), पिता गंगाराम मरार के रूप में हुई है। वह कुसमुंडा परियोजना में नीलकंठ कंपनी के तहत ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत था। जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर अपनी गर्भवती पत्नी के प्रसव के लिए कोरबा के एक अस्पताल आया था। बच्चे के जन्म के बाद वह अपने साथियों से मिलने सर्वमंगला चौकी क्षेत्र के ग्राम सोनपुरी गया था, जहां उसके कुछ ठेका कर्मी मित्र निवास करते हैं।

साथियों से मुलाकात के बाद वह शनिवार रात करीब 10 बजे बाइक से कोरबा अस्पताल लौटने के लिए निकला, लेकिन न तो अस्पताल पहुंचा और न ही अपने घर। इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी बंद बताया जा रहा था। परिजनों और परिचितों ने आसपास के क्षेत्रों में तलाश की और सोशल मीडिया के माध्यम से भी उसकी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।

रविवार देर शाम सूचना मिली कि जोड़ा पुल से पहले एक मोड़ के पास सड़क किनारे खदान के मुहाने पर एक शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने शव की पहचान चंद्रशेखर मरार के रूप में की।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोड़ के पास उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क किनारे लगभग 5 से 7 फीट ऊंचे मिट्टी के टीले को पार करते हुए नीचे खदान से लगी नालीनुमा गड्ढे में जा गिरा। बताया जा रहा है कि रात का समय होने के कारण किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी और वह करीब 18 घंटे तक घायल अवस्था में वहीं पड़ा रहा। यदि समय रहते घटना की जानकारी मिल जाती तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी।

घटनास्थल खदान से सटा हुआ है, जहां मवेशियों और अनाधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए सड़क किनारे गहरी नाली की खुदाई की गई है। खुदाई के दौरान निकली मिट्टी को सड़क किनारे डाल दिया गया था, जिसकी ऊंचाई 5 से 8 फीट तक बताई जा रही है। इसी कारण बाइक सवार का संतुलन बिगड़ने और हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।

इधर घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के ग्रामीण आक्रोशित हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर ठेका कंपनी का काम रुकवा दिया। देर रात हुई बातचीत के बाद ठेका कंपनी द्वारा मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की नगद सहायता राशि तथा उसकी पत्नी को पेंशन देने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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