संचार का एक सुंदर माध्यम है रंगोली प्रतियोगिता – कुलपति कावरे

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर – तरंग 2025 विद्यार्थियों की सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच है। आप सभी संचार के विद्यार्थी हैं और रंगोली प्रतियोगिता भी संचार का एक सुंदर माध्यम है। रंगोली के माध्यम से भावनाओं और विचारों को सहज रूप से सैकड़ों लोगों तक पहुँचाया जा सकता है।
उक्त बातें आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव तरंग 2025 का आज शुभारंभ करते हुये विश्वविद्यालय के कुलपति महादेव कावरे ने कही। उन्होंने कहा हाल ही में आयोजित राज्योत्सव में हमने देखा कि किस प्रकार बस्तर आर्ट सहित विभिन्न लोक कलाओं ने दर्शकों को प्रभावित किया। उसी प्रकार रंगोली समाज में सुंदर संदेश देने और संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने की एक प्रभावी कला है। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलसचिव सुनील शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा , रचनात्मकता और संगठन क्षमता को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में इस प्रकार के कार्यक्रम नेतृत्व कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र मोहंती ने बताया विभाग का प्रयास हमेशा यह रहता है कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित ना रखा जाये , बल्कि उनकी रचनात्मक क्षमता को विकसित करने के लिये लगातार अवसर प्रदान किये जायें। इस दौरान आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सामाजिक सरोकार , संस्कृति और सृजनात्मकता पर आधारित आकर्षक कृतियाँ बनाई। जिसमें प्रथम स्थान – “हमारी रंगोली”: स्नेहा साहू और आशीष पटेल , द्वितीय स्थान – “लक्ष्मीपथ”: अंजली शुक्ला और रुचिसा केसरी एवं तृतीय स्थान – “प्रकाश पुष्प”: नैनी और सिमोनी विजेता रहे। इसी कड़ी में “तरंग 2025” के अंतर्गत शुक्रवार को सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम में विभाग के अतिथि शिक्षक डॉ. निलेश साहू , गुलशन वर्मा , शोधार्थी विनोद सावंत , विभिन्न विभागाध्यक्ष , अन्य अतिथि , शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।










