सुशासन की मजबूती की ओर बढ़ते कदम : कोरबा आयुक्त ने अपने अधिकारों का विकेन्द्रीकरण कर जोन कार्यालयों को बनाया सशक्त, आमजन की मुश्किलें हुई आसान

0 आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने अपने जोन स्तर के अधिकार जोन कमिश्नरों को एवं निगम के विभिन्न विभागों के अपने अधिकार प्रभारी अधिकारियों को किया प्रत्यायोजित
0 कार्यप्रक्रिया का किया सरलीकरण, कार्यो को दी गई गति, जनसमस्याओं के त्वरित निदान का मार्ग किया प्रशस्त
कोरबा 25 अगस्त 2025 -नगर पालिक निगम कोरबा में सुशासन की मजबूती की ओर कदम बढ़ाते हुए अधिकारों का विकेन्द्रीकरण कर निगम के सभी 07 जोन कार्यालयों को सशक्त, सक्षम व प्रभावी बनाया गया है, जोन कार्यालयों की प्रासांगिकता बढ़ी है, वहीं निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित विभिन्न विभागों के कार्यो में तेजी आई है व कार्यप्रक्रिया सरलीकृत एवं तीव्रगामी हुई है। इसका प्रमुख कारण है कि आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने एक ओर जहॉं अपने जोन स्तर के अधिकार जोन कमिश्नरों को विकेन्द्रित किया, वहीं दूसरी ओर निगम के विभिन्न विभागों के प्रभारी अधिकारियों को अपने निगम आयुक्त के अधिकार प्रत्यायोजित कर विभागों की कार्यप्रक्रिया में गति लाई है, इससे आमजन की समस्याओं के त्वरित निदान का मार्ग प्रशस्त हुआ है, उनकी मुश्किले आसान हुई हैं।
विगत 8-10 माह की अल्प समयावधि में नगर पालिक निगम कोरबा की कार्यप्रणाली में काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, एक ओर जहॉं निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित विभागों के कार्यो में गति आई है, वहीं दूसरी ओर अब जोन कार्यालय अधिक सशक्त होकर सक्षमता के साथ कार्य कर रहे हैं। निगम का मैदानी अमला भी रिचार्ज हुआ है तथा उसकी कार्यशैली बदली-बदली नजर आ रही है, मैदानी अमले में उत्साह का संचार हुआ है तथा वे ज्यादा ऊर्जा के साथ कार्य करते नजर आ रहे हैं, और इन सबके पीछे है निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की विशिष्ट कार्यशैली। अपनी सकारात्मकता व ऊर्जाशीलता की विशिष्ट पहचान रखने वाले आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने सुशासन की मजबूती की ओर कदम बढ़ाते हुए अपने निगम आयुक्त के अधिकारों का विकेन्द्रीकरण कर एक ओर जहॉं निगम के जोन कार्यालयों को सशक्त व सक्षम बनाया है, वहीं दूसरी ओर निगम के विभिन्न विभागों के अपने अधिकार संबंधित विभागों के प्रभारी अधिकारियों को प्रत्यायोजित किया है, इससे कार्यप्रक्रिया सरलीकृत हुई तथा विभागों के कार्ये में तेजी आई है, वहीं जनसमस्याओं के त्वरित निदान का मार्ग प्रशस्त हुआ, लोगों को जल्दी समाधन मिला व उनकी मुश्किलें आसान हुई हैं। निगम कार्यालय में फाईलों की दौड़ अब कम हुई है तथा विकास व निर्माण कार्यो की कार्यप्रक्रिया में तेजी आई है।
महत्वपूर्ण अधिकारों का प्रत्यायोजन
आयुक्त श्री पाण्डेय ने आमजन की सुविधा व कार्यो में तेजी लाने के उद्देश्य से जनता से सीधे जुडे़ निगम के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के अपने अधिकार संबंधित विभाग प्रभारियों को प्रत्यायोजित किए। उन्होने भवन निर्माण अनुज्ञा विभाग, भवन भूखण्ड फ्री होल्ड, संपदा विभाग, एन.यू.एल.एम., होडिंग्स आदि विभागों के साथ-साथ टेक्निकल ई वेल्यूएशन कमेटी, स्थापना शाखा आदि सहित निगम के अन्य विभागों से जुडे़ अपने अधिकार संबंधित प्रभारी अधिकारियों को प्रत्यायोजित कर कार्यो को सरलीकृत व तीव्रगामी बनाया है।
जोन कमिश्नर्स हुए अधिकार सम्पन्न
आमजनता को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं से जुडे़ विभिन्न कार्य तथा कर व राजस्व वसूली, शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन, पेंशन राशन कार्ड सहित अन्य विविध कार्य निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से सम्पन्न कराए जाते हैं, लोगों की समस्याएं जोन स्तर पर ही त्वरित रूप से सुलझ सकें, उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान हों, इसके लिए जरूरी हैं कि जोन का र्यालयों को सशक्त व प्रभावी बनाया जाए। आयुक्त श्री पाण्डेय ने अपने निगम आयुक्त के जोन स्तर के अधिकार जोन कमिश्नरों को विकेन्द्रित कर उन्हें अधिकार सम्पन्न बनाया, परिणाम स्वरूप अब वे अधिक सक्षमता व प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं, लोगों की समस्याएं जोन स्तर पर ही निराकृत हो रही हैं तथा उन्हें अपनी समस्याओं को लेकर मुख्य कार्यालय साकेत भवन तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है।
जोन कार्यालयों का प्रेरणास्पद नामकरण
आयुक्त श्री पाण्डेय के द्वारा जोन कार्यालयों की प्रासांगिकता बढ़ाने व उन्हें विशिष्ट पहचान देने प्रेरणास्पद नामों से उनका नामकरण किया गया है। निगम के कोरबा जोन क्रमांक 01 को ’’ सक्षम ’’, टी.पी.नगर जोन क्रमांक 02 को ’’ संकल्प ’’, कोसाबाड़ी जोन क्रमांक 03 को ’’ समर्थ ’’, पं.रविशंकरनगर जोन क्रमांक 04 को ’’ सृजन ’’, बालको जोन क्रमांक 05 को ’’ समर्पण ’’, दर्री जोन क्रमांक 06 को ’’ सेवार्थ ’’ तथा सर्वमंगला जोन क्रमांक 07 को ’’ सुकृत ’’ नाम दिया गया है। इसके साथ ही जोन कार्यालयों की व्यवस्थाओं में बेहतर बदलाव किए गए हैं, जोन कार्यालय पहुंचने वाले नागरिकों के बैठने व उनके लिए पेयजल की व्यवस्था, शिकायत पंजी काउंटर, नागरिकों से सम्मानजनक व्यवहार एवं उनकी समस्याओं का संतुष्टिपूर्ण निराकरण आदि के संबंध में आयुक्त ने कड़े व प्रभावी दिशा निर्देश जोन कमिश्नरों को दिए हैं, वहीं जोन कार्यालयों के परिसर को यथासंभव आकर्षित व सौंदर्यीकृत स्वरूप दिया गया है, साफ-सफाई व स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा जा रहा है।
प्रातः 07 बजे से फील्ड में नजर आते हैं, अपनी टीम के साथ जोन कमिश्नर्स
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की विशिष्ट कार्यशैली का ही परिणाम है कि निगम के जोन कमिश्नर्स व प्रभारी अधिकारी अपनी-अपनी टीम के साथ प्रातः 07 बजे से ही फील्ड में नजर आते हैं, एक ओर जहॉं आयुक्त श्री पाण्डेय स्वयं प्रातः 07 बजे से शहर के गली-कूचों एवं वार्ड व बस्तियों में भ्रमण पर निकल रहे हैं, पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने अपने भ्रमण में प्रायः ई-वाहन स्कूटी का उपयोग कर रहे हैं, कच्चे कोयले को जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों से लोगों को संचेत कर रहे हैं। लोगों से रूबरू हो रहे हैं, उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण कर रहे हैं, साफ-सफाई कार्यो का कड़ाई से पर्यवेक्षण हो रहा है, तो वहीं दूसरी ओर निगम के जोन कमिश्नर्स अपनी-अपनी टीम के साथ वार्ड व बस्तियों में पहुंचकर वहॉं की व्यवस्थाओं में सुधार लाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।
मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्या का निराकरण 24 घंटे में
यहां यह भी महत्वपूर्ण सुझाव आयुक्त श्री पाण्डेय के द्वारा किया गया है कि उन्होने प्रभारी अधिकारियों एवं जोन कमिश्नरों को स्थाई आदेश दिए हैं कि मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, सड़क रोशनी व साफ-सफाई आदि से जुड़ी समस्याओं का निराकरण अनिवार्य रूप से 24 घंटे के अंदर किया जाए, सुखद पहलू है कि इन से जुड़ी शिकायतें अब निर्धारित समयावधि के अंदर दूर की जा रही हैं। इसी प्रकार आयुक्त श्री पाण्डेय के नियमित भ्रमण के दौरान उनके द्वारा विकास व निर्माण कार्यो एवं जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर दिए गए निर्देशों को अब निगम के टी.एल.प्रकरण के रूप में जोडा गया है ताकि निर्देशानुसार विकास व निर्माण कार्यो के प्रस्ताव बने या नहीं, समस्याएं दूर की गई है या नहीं, आदि की प्रति सप्ताह समीक्षा की जा सके।
कर्मचारी कल्याण की दिशा में अभिनव पहल
आयुक्त श्री पाण्डेय का मानना है कि हमारे कर्मचारी जब तन और मन से स्वस्थ होंगे तो वे जनसेवा का कार्य अधिक बेहतर रूप से कर सकेंगे। आयुक्त श्री पाण्डेय ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में भी कदम उठाएं हैं, उनके मार्गदर्शन में कर्मचारियों के हेल्थ कैम्प का आयोजन हुआ, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रतिमाह ’’ फेस आफ द मंथ ’’ के रूप में चयन कर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है व अन्य कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रेरणा दी जा रही है। अनुकम्पा नियुक्ति, पदोन्नति व समयमान वेतनमान जैसी कर्मचारी हित से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाकर सकारात्मक परिणाम लाए गए हैं, वहीं अधिकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर उनके सम्मान हेतु प्रतिमाह सम्मान समारोह का आयोजन भी अब नियमित रूप से हो रहा है।