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अक्षय ऊर्जा दिवस: वेदांता ने वित्तीय वर्ष 25 में 2.5 बिलियन यूनिट्स नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया


नई दिल्ली, 23 अगस्त 2025: अक्षय ऊर्जा दिवस के मौके पर भारत के अग्रणी महत्वपूर्ण खनिज, संक्रमण धातु, ऊर्जा एवं प्रौद्योगिकी सदन वेदांता लिमिटेड ने घोषणा की है कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 25 के दौरान 250 करोड़ से अधिक या 2.5 बिलियन यूनिट्स नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 56% की वृद्धि दर्शाता है।

वित्तीय वर्ष 26 की पहली तिमाही में कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा की तकरीबन 850 मिलियन यूनिट्स का उपयोग किया, जो हरित ऊर्जा रूपान्तरण की ओर तेज़ी से बढ़ने का संकेत है। वेदांता ने 1.9 गीगावॉट इंस्टाल्ड क्षमता के पावर डिलीवरी एग्रीमेन्ट किए हैं, जो आने वाले कुछ सालों में लागू हो जाएंगे। उम्मीद है कि इस क्षमता से कंपनी के कोर बिजनेस में उत्सर्जन में कमी आएगी।

वेदांता की सब्सिडियरी कंपनियों जैसे जिंक लिमिटेड एवं बालको (भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड) ने पहले से नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त करना शुरू कर दिया है, जबकि भारत के अन्य प्लांट्स जल्द ही इसे प्राप्त करेंगे। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन भी करती है, इसकी सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक देश के सबसे बड़े पवन ऊर्जा उत्पादकों में से एक है, जिसकी क्षमता 5 राज्यों में 273.5 मेगावॉट है। वेदांता अपने पावर प्लांट्स में बायोमास का उपयोग भी करती है। वित्तीय वर्ष 25 में कंपनी ने बायोमास से 6.5 लाख गीगा जूल ऊर्जा का उपयोग किया।

वेदांता की अपनी विकार्बोनीकरण योजना चार सिद्धांतों पर काम करती है- नवकरणीय ऊर्जा का पैमाना बढ़ाना, कम कार्बन के ईंधन की ओर रुख करना, ऊर्जा एवं प्रक्रिया दक्षता और कार्बन ऑफसेट। नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग कर कंपनी ने भारत के पहले कम कार्बन -ग्रीन एलुमिनियम- रीस्टोरा एवं रीस्टोरा अल्ट्रा तथा एशिया के पहले कम कार्बन ‘ग्रीन’ ज़िंक- ईकोज़ेन का उत्पादन किया। यह बड़े पैमाने पर कंपनी विविधीकरण योजनाओं का एक भाग है, जो पर्यावरण के प्रति सजग उपभोक्ताओं की ज़रूरतों को पूरा करता है। ये वे उपभोक्ता हैं जो सोच- समझ पर संसाधनों का सदुपयोग करना चाहते हैं और अपनी आपूर्ति श्रृंखला में विकार्बोनीकरण को सुनिश्चित करना चाहते हैं।

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