पंजाब के कॉमेडी किंग जसविंदर भल्ला ने दुनियां को कहा अलविदा , प्रशंसिका पूजा ने जताया शोक

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
मोहाली – पंजाब के सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार जसविंदर भल्ला का (65 वर्ष) का आज सुबह मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। उन्हें दो दिन पहले ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद 21 अगस्त की रात जसविंदर भल्ला की तबियत ज्यादा बिगड़ गई और 22 अगस्त की सुबह चार बजे उनका निधन हो गया।
उनके निधन से पूरी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई , उनके निधन की खबर मिलते ही उनके मोहाली स्थित आवास पर फिल्मी हस्तियों और चाहने वालों का आना-जाना शुरू हो गया। उनका अंतिम संस्कार 23 अगस्त शनिवार को दोपहर एक बजे मोहाली के गांव बलौंगी श्मशान घाट में किया जायेगा , जहां उनके परिवार , मित्र और फिल्म जगत के अन्य सहयोगी इस प्रिय अभिनेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिये एकत्रित होंगे।
गौरतलब है कि हास्य कलाकार जसविंदर भल्ला का जन्म 04 मई 1960 को लुधियाना के दोराहा में हुआ था। उनके पिता बहादुर सिंह भल्ला गांव बरमालीपुर में प्राइमरी स्कूल के टीचर थे। भल्ला ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सीनियर सेकेंडरी स्कूल दोराहा से की थी। उन्होंने अपनी बी.एससी. और एम.एससी. की पढ़ाई पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी से की। इसके बाद उन्होंने कृषि विज्ञान में पीएच.डी. की डिग्री भी हासिल की। जसविंदर भल्ला ने पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर , फिर प्रोफेसर और बाद में हेड ऑफ डिपार्टमेंट के तौर पर भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने किसानों के लिये जागरूकता का कार्य भी किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी की तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया था। वे वर्ष 2020 में अपनी नौकरी से रिटायर हुये थे। उनकी शादी परमदीप भल्ला से हुई थी , जो एक फाइन आर्ट्स की टीचर हैं। उनके बेटे का नाम अभिनेता पुखराज भल्ला है , जो पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला से ऑडियो विजुअल्स में बी.टेक की पढ़ाई कर रहा है। पुखराज वर्ष 2002 से ही कुछ छंकार्टा कैसेट्स में नजर आ चुका है और कई पंजाबी फिल्मों में भी बेहतरीन किरदार निभा चुका है। वहीं उनकी बेटी का नाम अशप्रीत कौर है , जिनकी शादी नॉर्वे में हुई है। जसविंदर भल्ला ने वर्ष 1988 में ऑडियो कैसेट ‘छनकटा’ 1988 से बतौर कॉमेडियन अपनी शुरुआत की , इस कॉमेडी शो में चाचा चतुर सिंह और भाना जैसे मशहूर पात्र निभाने के लिये ये मशहूर थे। बाद में इस सीरीज की लगभग 27 से भी ज्यादा ऑडियो और वीडियो कैसेट रिलीज हुईं। उन्होंने ‘गड्डी चलती है छलांगा मार के’, कैरी ऑन जट्ट , जिंद जान’, बैंड बाजे जैसी कई फिल्मों में अपने शानदार अभिनय और कॉमेडी से भी लोगों का दिल जीता। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1998 में आई फिल्म ‘दुल्ला भाटी’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। वर्ष 1999 में वो ‘माहौल ठीक है’ में इंस्पेक्टर जसविंदर भल्ला के रोल में नजर आये और यहीं से उन्हें पहचान मिली। भल्ला ने अपने करियर में कई पंजाबी फिल्मों में काम किया है। इनमें कई हिट फिल्में भी शामिल हैं। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘जिन्ने मेरा दिल लुटिया’, ‘जट एंड जूलियट’, ‘कैरी ऑन जट्टा’, ‘सरदार जी’, ‘पावर कट’, ‘मुंडे कमाल दे’, ‘किटी पार्टी’ और ‘कैरी ऑन जट्टा 3’ जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने दिलजीत दोसांझ जैसे बड़े स्टार्स के साथ भी कई फिल्में कीं और “Naughty Baba in Town” नाम का शो लेकर कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म भी कर चुके थे।
हास्य परंपरा के मजबूत स्तम्भ थे भल्ला – कुमारी पूजा
पंजाबी कॉमेडी विंग के निधन पर शोक जताते हुये आदमवाल (होशियारपुर) निवासी प्रशंसिका कुमारी पूजा ने कहा कि जसविंदर भल्ला पंजाबी सिनेमा के उन सितारों में से थे , जिन्होंने कॉमेडी को नई ऊंचाई दी। उनकी कॉमिक टाइमिंग , सादगी और व्यंग्य से भरे संवाद हर वर्ग के दर्शकों को गुदगुदाते थे। उनका हर किरदार दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान छोड़ जाता था। उनके निधन से पंजाबी सिनेमा ने एक अनमोल सितारा खो दिया है और उनकी हंसी-मजाक से भरी यादें हमेशा दर्शकों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी। अपनी बेजोड़ हास्य शैली और अभिनय से लाखों दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले भल्ला ने प्रशंसकों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। वे केवल एक कॉमेडियन नहीं , बल्कि पंजाबी सिनेमा की हास्य परंपरा के मजबूत स्तम्भ थे। उनका योगदान हमेशा याद किया जायेगा। वे अपनी कला के माध्यम से लम्बे समय तक लोगों के जीवन में हंसी बिखेरते रहें , वे सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेंगे। वाहेगुरु उन्हें अपने चरणों में स्थान प्रदान करें।