Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की बेटी ने रचा इतिहास : फामेश्वरी यादव बनीं प्रदेश की पहली महिला अग्निवीर

गरियाबंद, 29 मार्च । जिले के छोटे से गांव परसदा जोशी की फामेश्वरी यादव ने भारतीय सेना में अग्निवीर महिला सैन्य पुलिस के लिए चयनित होकर छत्तीसगढ़ की पहली महिला अग्निवीर बनकर इतिहास रच दिया है। फामेश्वरी की इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है।

मेहनत और जुनून की कहानीफामेश्वरी के पिता हीरालाल एक मजदूर हैं। वह सुबह अपनी बेटी को दौड़ सिखाते थे और फिर मजदूरी पर निकल जाते थे। फामेश्वरी की मेहनत और जुनून ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उनकी मां खेमीन बाई ने बताया कि उन्हें तानों का सामना करना पड़ा, लेकिन परिवार ने बेटी के सपनों को उड़ान देने का फैसला किया।

कलेक्टर श्रीनदीपक अग्रवाल और एसपी निखिल राखेचा ने फामेश्वरी को बधाई दी है। फामेश्वरी अब 1 मई 2025 से बेंगलुरु में ट्रेनिंग शुरू करेंगी।फामेश्वरी की मां खेमीन बाई ने कहा, “अगर और बेटियां होतीं तो उन्हें भी देश सेवा में भेजती।” यह बयान फामेश्वरी के परिवार के देश सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

फामेश्वरी की उपलब्धि का महत्वफामेश्वरी की उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ की बेटियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। यह साबित करता है कि मेहनत और जुनून के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है ।

Related Articles

Back to top button