रिश्वतखोर कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की: आरोप- अस्पताल के प्रसूति वार्ड के कर्मचारियों ने मांगी रिश्वत, 2500 रु. देने के बाद हुई डिलीवरी

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शाजापुर21 मिनट पहले

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सिविल सर्जन को आवेदन सौंपते प्रसूता के परिजन। - Dainik Bhaskar

सिविल सर्जन को आवेदन सौंपते प्रसूता के परिजन।

जिला अस्पताल में मरीजों के परिजनों ने प्रसूति वार्ड के कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। मामले में शनिवार को प्रसूता के परिजन सिविल सर्जन कक्ष पहुंच गए और आवेदन देकर रिश्वतखोर कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। सिविल सर्जन ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

समीर पिता इकबाल खां निवासी हिरपुर टेका ग्राम भरड़ ने सिविल सर्जन डॉ बीएस मैना को शिकायती आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। समीर ने आवेदन में बताया कि उसकी बहन तरन्नुम बी पति जुबेर की डिलीवरी होना थी। गुरुवार रात 8.30 बजे उसे जिला अस्पताल लेकर आए थे। जांच करवाई तो वह नॉर्मल निकली, लेकिन नर्स ने उसे उज्जैन रैफर करने को कह दिया। समीर ने बताया कि उन्होंने जिला अस्पताल में ही डिलीवरी करने का निवेदन किया तो इसके एवज में स्वीपर व नर्स रुपए मांगने लगे। हमने उनको 2500 रुपए दिए, जिसके बाद सुबह 4 बजे डिलीवरी हुई। इरफान ने बताया कि डिलीवरी होने के बाद नर्स व स्टाफ ने धमकी देते हुए कहा कि किसी से शिकायत की तो हम गलत इलाज कर देंगे। सिविल डॉ बीएस मैना का कहना है कि जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उस पर जल्द ही कार्रवाई करेंगे।

कोरे कागज पर करवाए साइन, नहीं किया ऑपरेशन .

इधर रिश्वतखोरी के आरोपों के बीच इलाज से पहले कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाने का मामला भी सामने आया है। कलेक्टर कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल अजीत सिंह सेंगर ने बताया कि उनकी बेटी संजना (24) की डिलीवरी होना थी। उसे गुरुवार को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

डॉक्टर ने जांच व सोनोग्राफी करने को कहा। जांच रिपोर्ट देखने के बाद उन्होंने बताया कि बच्चा 9 माह से अधिक का हो चुका है। जल्दी ही ऑपरेशन करना पड़ेगा, नहीं तो दिक्कत हो जाएगी। इसके बाद हेड नर्स आई और कोरे कागज पर साइन करने को बोला। मैंने पूछा कि इस पर कुछ लिखा नहीं तो नर्स बोली तुम साइन करो, मैं अपने हिसाब से लिख लूंगी जो मुझे लिखना होगा। मैंने साइन कर दिए, बाद में पता चला कि जिस कोरे कागज पर साइन करवाए गए थे, उस पर लिखा कि मरीज को इंदौर रैफर किया गया है। परिजन अपनी जिम्मेदारी व स्वेच्छा से यहीं डिलीवरी करवाना चाहते हैं। इसके बाद हेड नर्स ने जांच के कागज फेंक दिए और डिलीवरी करने से मना कर दिया। आनन-फानन में संजना को एबी रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए और ऑपरेशन करवाया। बाद में पता चला कि रिश्वत लेने की शिकायत हो रही है इसलिए डॉक्टरों व नर्स ने डिलीवरी नहीं की।

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