विदिशा में कांग्रेस ने बुलाई प्रेसवार्ता: विधायक ने नपा परिषद की बैठक को बताया अवैध, पार्षद बोले- 10 मिनट में पास कर दिए 90 प्रस्ताव

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विदिशा9 मिनट पहले
विदिशा नगर पालिका परिषद की पहली बैठक खत्म होने के कुछ देर बाद ही विधायक शशांक भार्गव और कांग्रेस पार्षदों ने प्रेसवार्ता का आयोजन किया। जिसमें उन्होंने बैठक पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे अवैध करार दिया।
विधायक कार्यालय में आयोजित हुई प्रेसवार्ता के दौरान विधायक शशांक भार्गव ने बताया कि नपा की पहली बैठक नियमों को ताक पर रखकर आयोजित की गई है। राज्य शासन के नियम के अनुसार परिषद क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बैठक में शामिल किया जाना था। कांग्रेस पार्षदों ने अधिकारियों को बैठक में विधायक को शामिल करने संबंधी सूचना पूर्व में दी थी, लेकिन बैठक में कोई सूचना न दी गई और न ही उन्हें बुलाया गया जो प्रोटोकाॅल का उल्लंघन है।
वहीं 90 प्रस्तावों को 9 मिनट में पढ़कर उन्हें बिना चर्चा के ताली बजाकर मंजूर करना प्रजातंत्र का गला घोंटने जैसा है। विधायक ने बताया कि संचित निधि, शिक्षा उपकर, आश्रय शुल्क, विकास शुल्क आदि के मामले में नगर पालिका के पास कितनी राशि मौजूद है इसके बारे में कोई उल्लेख नहीं किया गया। नए पार्षदों को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्हें जानकारी दी गई।
विधायक ने बैठक के कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इन बिंदुओं को मंजूर कराना महा भ्रष्टाचार को मंजूरी देने जैसा है। उन्होंने कहा कि 2018-19 में कांगे्रस सरकार के दौरान उन्होंने कई प्रस्ताव रखे थे जो लगभग मंजूर हो चुके थे, उसे अमृत 2 योजना में शामिल किया गया है। जिसकी राशि अलग से जारी की जानी है। नगर पालिका उसे अपना बता रही है।
गैर जरूरी बिंदु एजेंडे में शामिल
प्रेसवार्ता के दौरान विधायक ने कहा कि एजेंडे में कई ऐसे बिंदु भी रखे गए हैं जो अब से पहले कभी परिषद की बैठकों में शामिल नहीं किए गए। उन्हीं में से एक पीडब्ल्यूडी कर्मचारी के संबंध में रहा। जो कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में सभी पार्षदों की मंजूरी लेने के लिए एजेंडे में शामिल किया गया। जबकि यह प्रक्रिया अधिकारी स्तर की थी, अब कानूनी कार्यवाही की जद में सभी पार्षद भी आएंगे। नामांतरण का कार्य कार्यालयीन स्तर का है जो पहली बार एजेंडे में रखे गए हैं। संपत्ति कर और समेकित कर, दुकानों का बढ़ा हुआ किराया वापस लेने, दुकानों को रिन्यूएबल संबंधी विषय पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
वहीं इस पूरे मामले को लेकर पार्षदों ने कहा कि हम अपनी आपत्ति लेकर कलेक्टर के पास जाएंगे। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि पीआईसी गठन के पहले परिषद की बैठक करना नियम विरूद्ध है। इस पर भी हम अपनी आपत्ति दर्ज कराते हैं।
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