ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर का स्पष्ट जवाब नहीं: रिकार्ड में बिजावर में दस माह से पदस्थ हैं महिला चिकित्सक, मरीज और परिजन को जानकारी नहीं

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बिजावर27 मिनट पहले
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लोग लंबे समय से बिजावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की नियुक्ति की मांग करते रहे हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि सरकारी कागजों में एक महिला चिकित्सक करीब 10 महीने से बिजावर अस्पताल में ही पदस्थ हैं। यह अलग बात है कि महिला चिकित्सक की चिकित्सा सेवाओं का लाभ अस्पताल आने वाली महिला मरीजों को नहीं मिला है। इसके बावजूद उक्त महिला डॉक्टर की बिजावर में उपस्थिति दर्शाए जाने के आरोप आम आदमी पार्टी नेता अमित भटनागर ने लगाए है।
आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के दबाव में ऐसा होता रहा। अब मामला उजागर होने पर अस्पताल प्रबंधक गोलमोल जवाब दे रहे हैं। अमित भटनागर का कहना है कि बिजावर में पदस्थ की गई महिला चिकित्सक ने इन 10 महीनों में कितने दिन अस्पताल में ड्यूटी की है। यह खोज और शोध का विषय बन गया है। सरकारी तंत्र की इस भर्रासाही से लोग अचंभित हैं। एक ओर बिजावर के सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक के अभाव में क्षेत्रीय और स्थानीय महिलाओं को कई परेशानियों का सामना करते हुए इलाज के लिए छतरपुर भागना पड़ता है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के जिला और स्थानीय तंत्र की मिलीभगत से बिजावर अस्पताल में इतनी गंभीर अनियमितता वरती जा रही है। दिसंबर 2021 से पदस्थ हैं प्रिया त्रिपाठी छतरपुर सीएमएचओ के 30 नवंबर 2021 के आदेश के परिपालन में तत्कालीन सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने 7 दिसंबर 2021 को संविदा महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रिया त्रिपाठी को जिला अस्पताल से कार्यमुक्त कर बिजावर सीएचसी के लिए रिलीव कर दिया था। तभी से डॉक्टर प्रिया त्रिपाठी बिजावर में पदस्थ हैं।
आम आदमी के पार्टी नेता अमित भटनागर का आरोप है कि वह कब बिजावर अस्पताल आती हैं और कब जाती हैं , यह गहन छानबीन का विषय है। क्योंकि इन 10 माह में अस्पताल पहुंचे अधिकांश लोगों को यह महिला चिकित्सक अस्पताल में मिली ही नहीं है। इतने लंबे समय तक उक्त महिला चिकित्सक किस अस्पताल में लोगों का इलाज करती रहीं इसकी निष्पक्ष और गहन जांच होना चाहिए। वहीं अस्पताल का स्टाफ खुलकर तो कुछ नहीं बोल रहा लेकिन दबी जुबान में स्वीकार कर रहा है कि उक्त महिला चिकित्सक कभी भी नियमित रूप से बिजावर अस्पताल नहीं आई है।
भोपाल के पत्र से हुआ मामले का खुलासा
महिला चिकित्सक के बिजावर में दिसंबर 2021 में ही पदस्थ हो जाने और उनके अस्पताल नियमित नहीं पहुंचने को छुपा कर रखने के आरोप है। साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी इसकी भनक नहीं लगने दी गई। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश के मुख्य प्रशासकीय अधिकारी केके रावत ने 4 अक्टूबर 2022 को पत्र जारी कर डॉक्टर प्रिया त्रिपाठी को बिजावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पदस्थ किया है। जिसके चलते इस मामले का खुलासा हुआ कि डॉक्टर प्रिया त्रिपाठी तो दिसंबर 2021 से ही बिजावर में पदस्थ हैं।
जवाब देने से बच रहे ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर
इस मामले में बीएमओ डॉ मनोज पाल कोई स्पष्ट जवाब ही नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह जल्दी ही विस्तार से जानकारी देंगे। वहीं स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग की इस भर्राशाही पर अचरज व्यक्त किया है।
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