‘अभिव्यक्ति गरबोत्सव’ का आगाज: ‘कागज के दो पंख लेके उड़ा चला जाए रे…’ गाने पर झूमे पार्टिसिपेंट्स, कोई बना चंद्रघंटा, तो कोई बना गणगौर

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भोपाल19 मिनट पहले
भोपाल में गरबा प्रेमियों की दो साल की बेसब्री बुधवार को खत्म हो गई। भेल स्थित दशहरा मैदान पर शाम 7 बजे मां दुर्गा की ओजपूर्ण आरती से गरबा उत्सव ‘अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव-2022’ का आगाज हुआ। 22वें साल में अभिव्यक्ति गरबा नई उमंग, नए रंग और उत्साह से लबरेज है। गरबोत्सव में ‘कागज के दो पंख लेके उड़ा चला जाए रे, जहां नहीं जाना था ये वहीं चला जाए रे… सॉन्ग पर लोग झूम उठे।
आरती के बाद अभिव्यक्ति की चिर-परिचित सिग्नेचर ट्यून बजी। ट्यून सुन एक बार फिर से पूरा पंडाल डांडिए की खनक से गूंज उठा। प्रतिभागियों ने अपने सर्कल पर गरबा शुरू किया, तो जनरल सर्कल में भी हजारों शहरवासियों ने गरबा खेला। गरबा के साथ ही यहां आने वालों ने फूड जोन में पहुंचकर देशभर के जायकों का लुत्फ उठाया।
कोई काठियावाड़ी तो कोई गुजराती ड्रेस में आया नजर
इस बार पार्टिसिपेंट्स में सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बनने का क्रेज दिखा। कंटेस्टेंट्स ने सिर्फ काठियावाड़ी और ट्रेडिशनल आउटफिट्स ही नहीं कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और गुवाहाटी से लेकर कटक तक देश के हर कोने की वेशभूषा, आभूषण, संस्कृति के साथ आव-भाव के रंग यहां बिखेरे। पहले दिन थीम निराले आउटफिट्स थी। इसमें पार्टिसिपेंट्स विभिन्न डिजाइन, रंग-रूप और मैसेज देते हुए ड्रेसेस पहनकर आए। किसी ग्रुप ने सेव अर्थ का मैसेज दिया, तो कोई प्रकृति को बचाने का मैसेज दे रहा था। एक महिला देवी चंद्र घंटा का स्वरूप बनकर आया। किसी ने 7 किलो की पगड़ी सिर पर पहने रखी थी।
किसी ने राजस्थानी जैकेट पहनी तो कोई गुजराती ट्रेडिशनल ड्रेस में गरबा की नजर आया। जिधर देखो, उधर नजर आ रहे थे तो बस खिले-खिले चेहरे, साथ झूमते-नाचते परिवार, दोस्त, स्नेही। मुस्कराहटों की रोशनी थी हर तरफ, कुछ ऐसी ऊर्जा, ऐसा स्पंदन था, जिसे यहां मौजूद हर व्यक्ति अनुभव कर रहा था।
तस्वीरों में देखिए गरबा के नजारे…

भोपाल में भेल मैदान पर बुधवार शाम 7 बजे माता की आरती के साथ गरबा की शुरुआत हुई। इसमें शामिल पार्टिसिपेंट्स ने माता की आरती की।

गरबोत्सव में एक कपल गणगौर लुक में नजर आया। इनके द्वारा पॉप डिजाइन किए गए हैं।

गरबा में अधिकांश पार्टिसिपेंट्स कोई न कोई मैसेज देते हुए आउटफिट्स पहनकर आए। इसी तरह एक ग्रुप ने जंगल बचाने से जिंदगी बचेगी का मैसेज दिया।
एक घंटे में ही पार्किंग फुल
लोगों में गरबा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां पार्किंग एक घंटे में ही फुल हो गई। इसके बाद लोगों ने यहां-वहां गाड़ियां खड़ी कीं।

शाम को जैसे ही गरबा शुरू हुआ, लोग म्यूजिक की धुन पर झूमने लगे। समय के साथ धीरे-धीरे गरबा शबाब पर चढ़ने लगे

गरबा में एक ग्रुप काठियावाड़ी की ड्रेस पहनकर शामिल हुआ।

गरबोत्सव में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इसमें दो घेरे बनाए गए थे। इसमें शामिल पार्टिसिपेंट्स डांडिया खेल रहे थे।
फूड जोन में कई राज्यों के भोजन का लुत्फ
गरबा पांडाल के फूड जोन में लोगों ने पंजाबी लस्सी, गुजराती, महाराष्ट्रीयन, दक्षिण भारतीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया। इसके अलावा आइस्क्रीम और बर्फ का गोला भी खास था।

गरबा में दो घेरे बनाए गए थे। इसमें सैकड़ों पार्टिसिपेंट्स डांस कर रहे थे।
इस बार कंगन थीम पर डेकोरेशन
इस बार स्टेज और मेन एंट्रेस कंगन थीम पर डेकोरेट किया गया है। दोनों सर्किल का दायरा बढ़ाया दिखा। पहले ही दिन हारमनी म्यूजिकल ग्रुप के 16 कलाकारों ने उमेश तरकसवार के डायरेक्शन में समां बांध दिया। इस बाद हिंदी, गुजराती के साथ पंजाबी, मलयालम, तेलुगू, कन्नड़ भाषाओं के गीत यहां गूंजे।

गरबा में लोगों में जोश देखने को मिला। म्यूजिक की धुनों पर लोग जमकर नाचे।

अभिव्यक्ति गरबा में भोपाल के युवाओं ने पांडाल में ड्रेस के माध्यम से गो ग्रीन सेव अर्थ का मैसेज दिया। साथ ही, डांस में भारत को दर्शाते हुए इको फ्रेंडली का मैसेज दिया

युवती अपने कपड़ों पर प्लास्टिक और कागज के गिलास और बोतल लगाकर शामिल हुई। उद्देश्य था- पर्यावरण को बचाने के लिए लोगों को प्लास्टिक का यूज कम करने और कागज का यूज बढ़ाने का मैसेज देना था।

गरबा में पार्टिसिपेंट्स अलग-अलग आउटफिट्स पहनकर शामिल हुए। इसमें एक महिला चंद्रघंटा बनी, तो दूसरा शख्स गणगौर बनकर शामिल हुआ।

इस इंडो वेस्टर्न ड्रेस को भी पार्टिसिपेंट ने खुद डिजाइन किया है। बताया गया कि ड्रेस को गुजराती के साथ कश्मीरी लुक भी दिया गया है।

गरबोत्सव में आई इस पार्टिसिपेंट्स ने गुजराती लुक में ये लहंगा खुद डिजाइन किया है। खास है कि इस लहंगे को 10 मीटर के कपड़े से पीसेज में काट कर बनाया है। पॉम पॉम के साथ ड्रेस को गुज्जु लुक दिया है।

गरबा पांडाल में अरिन छबरा श्रीमद् भागवत के अध्याय से संबंधित ड्रेस पहनकर आए। उन्होंने डोली बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट की तर्ज पर ड्रेस तैयार की है। ड्रेस पहनकर सिर पर रखकर कन्हैयाजी को ले गए।
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