37 वर्षों के अनुभव, तकनीकी दक्षता और उपलब्धियों के साथ संजय कुमार मिश्रा बने एनसीएल के निदेशक (तकनीकी)

दीपका और गेवरा जैसी मेगा खदानों के संचालन का अनुभव, आधुनिक खनन तकनीकों में विशेषज्ञता और उत्पादन उपलब्धियों से समृद्ध रहा है पेशेवर सफर
कोरबा,23 अक्टूबर 2026। कोयला खनन क्षेत्र में साढ़े तीन दशक से अधिक का अनुभव, तकनीकी दक्षता और देश की प्रमुख कोयला खदानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले संजय कुमार मिश्रा को नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) का निदेशक (तकनीकी) नियुक्त किया गया है। कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश के साथ उनके पेशेवर सफर में एक नई जिम्मेदारी जुड़ गई है। भूमिगत खनन से लेकर विशाल ओपनकास्ट परियोजनाओं तक का उनका अनुभव इस नियुक्ति को विशेष महत्व देता है।
संजय कुमार मिश्रा ने वर्ष 1989 में रायपुर से बीई (माइनिंग) की डिग्री हासिल करने के बाद वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के माध्यम से कोल इंडिया में अपने करियर की शुरुआत की। लगभग 37 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने भूमिगत और ओपनकास्ट, दोनों प्रकार की खदानों में काम करते हुए खनन परिचालन, उत्पादन प्रबंधन और तकनीकी प्रक्रियाओं का व्यापक अनुभव अर्जित किया।
उनकी कार्यक्षमता का एक महत्वपूर्ण पक्ष आधुनिक खनन तकनीकों के प्रति समझ और उन्हें व्यवहार में अपनाने का अनुभव है। कोल इंडिया की ओर से उन्हें उन्नत खनन तकनीकों के प्रशिक्षण के लिए चीन और दक्षिण अफ्रीका भेजा गया था। इसके अतिरिक्त, कंटीन्यूअस माइनर तकनीक से जुड़ी खदानों में लंबे अनुभव ने उनकी तकनीकी विशेषज्ञता को और व्यापक बनाया। पारंपरिक खनन अनुभव और आधुनिक तकनीकी ज्ञान का यह संयोजन उन्हें कोयला उद्योग के अनुभवी अधिकारियों में विशिष्ट स्थान दिलाता है।
एसईसीएल में उनकी भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है। उन्होंने दीपका और गेवरा जैसी देश की प्रमुख कोयला खदानों में महाप्रबंधक के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। ये परियोजनाएं अपने विशाल उत्पादन स्तर और जटिल परिचालन व्यवस्था के कारण कोयला उद्योग में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। मिश्रा ने जगन्नाथपुर और बिजारी जैसी ओपनकास्ट खदानों को शुरू कराने में भी अहम भूमिका निभाई। दीपका खदान में उनके कार्यकाल के दौरान खदान के इतिहास का सर्वाधिक उत्पादन दर्ज किया गया, जो उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है।
उनका पेशेवर सफर केवल विभिन्न पदों पर कार्य करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें खदानों के विकास, उत्पादन संबंधी चुनौतियों और तकनीकी प्रक्रियाओं के प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव भी शामिल है। भूमिगत खदानों की विशिष्ट चुनौतियों से लेकर बड़े ओपनकास्ट परिचालनों की जरूरतों तक, विभिन्न परिस्थितियों में काम करने का अनुभव उनकी प्रमुख ताकत है।
एनसीएल के निदेशक (तकनीकी) के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कोयला उद्योग में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, परिचालन दक्षता और सुरक्षित खनन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में मिश्रा का लंबा अनुभव और तकनीकी दृष्टिकोण एनसीएल की खनन परियोजनाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। उनकी नई जिम्मेदारी से कंपनी के तकनीकी और परिचालन कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।




