18 सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम कर्मचारियों का सांकेतिक धरना, बड़े आंदोलन की चेतावनी

कोरबा, 01 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ के आह्वान पर नगर पालिक निगम कोरबा के अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले धरने में निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने शासन के समक्ष अपनी लंबित मांगों को रखते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने तीन स्तरीय वेतन संशोधन लागू करने, अस्थायी एवं दैनिक वेतन कर्मचारियों को नियमित करने, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने, रिक्त पदों पर भर्ती एवं पदोन्नति करने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) पुनः लागू करने तथा कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मांगें उठाईं।
नगर निगम कोरबा के इंजीनियर अखिलेश शुक्ल ने बताया कि संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में अधिकारी-कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 18 सूत्रीय मांगों में पदोन्नति एक प्रमुख मांग है। उनका कहना है कि निगमों में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नई भर्ती से पहले नियमानुसार पदोन्नति का अवसर दिया जाना चाहिए। रिक्त पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने की भी मांग की गई है।
अखिलेश शुक्ल ने कहा कि कर्मचारियों की एक प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की है। कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में राज्य के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलता था, लेकिन बाद में नई पेंशन योजना (NPS) लागू होने के कारण वर्ष 2005 के बाद नियमित हुए कई अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित हो गए। संघ की मांग है कि कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू किया जाए।
इसके अलावा नगर निगमों में प्लेसमेंट और दैनिक वेतन के आधार पर वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। शुक्ल के अनुसार, कई कर्मचारी पिछले 10 से 15 वर्षों से दैनिक वेतन अथवा प्लेसमेंट के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए। यदि तत्काल नियमितीकरण संभव नहीं है, तो उन्हें कम से कम 4,000 रुपये अतिरिक्त मानदेय दिए जाने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने वेतन संबंधी विसंगतियों का निराकरण, रिक्त पदों को भरने, पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने और कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। कर्मचारियों का कहना है कि नगरीय निकायों की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनकी जायज मांगों पर शासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
फिलहाल आयोजित धरने को सांकेतिक बताया गया है। अखिलेश शुक्ल ने कहा कि यदि प्रदेश स्तर पर आंदोलन आगे बढ़ता है तो कोरबा के अधिकारी-कर्मचारी भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल होंगे और आवश्यकता पड़ने पर लंबा आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों की 18 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।




