Chhattisgarh

16 जून से शुरू होगा नया शिक्षा सत्र, समय पर मिलेंगी किताबें और गणवेश: शिक्षा विभाग

कोरबा। जिले में नया शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल फिर से नजर आने लगेगी। विद्यार्थियों को स्कूलों से सतत रूप से जोड़े रखने के लिए इस वर्ष भी नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें और गणवेश उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि सभी छात्रों को समय पर किताबें और गणवेश वितरित कर दिए जाएंगे। इसके लिए वितरण व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

शिक्षा विभाग के अनुसार विद्यार्थियों को किताबें और गणवेश देने के लिए प्रवेशोत्सव का इंतजार नहीं किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन अपनी सुविधा अनुसार प्रवेशोत्सव आयोजित करते रहेंगे, लेकिन उससे पहले ही सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा संकुल केंद्रों तक पुस्तकें और गणवेश पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि विषयवार पाठ्यक्रम में इस बार कोई बड़ा बदलाव नहीं होने से वितरण कार्य समय पर पूरा कर लिया जाएगा।

पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कुछ विषयों के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया था। साथ ही विद्यार्थियों को किताबें वितरित करने से पहले स्कूल प्रबंधन को बारकोड स्कैन कर रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए गए थे। इस प्रक्रिया में तकनीकी परेशानियों के कारण कई स्कूलों में समय पर किताबों का वितरण नहीं हो सका था।

इस बार शिक्षा विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। स्कूल प्रबंधन को 10 जून तक बारकोड स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली पाठ्यपुस्तकें और गणवेश सीधे संकुल मुख्यालयों में पहुंचाए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश संकुलों तक सामग्री पहुंच चुकी है। संकुल क्षेत्र के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के प्रभारियों को छात्र संख्या के अनुसार किताबें और गणवेश का उठाव करने कहा गया है।

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मौजूद कमियों और आधारभूत समस्याओं को भी समय रहते दूर करने की तैयारी शुरू कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय के मार्गदर्शन में इस दिशा में कार्य किया जा रहा है ताकि नए सत्र की शुरुआत बेहतर व्यवस्था के साथ हो सके।

“शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही विद्यार्थियों को किताबें और गणवेश उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है। साथ ही स्कूलों में व्याप्त कमियों और खामियों को भी समय रहते दूर किया जाएगा।”
— टी.पी. उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा

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