11-13 नवंबर को शिशु रोग विशेषज्ञों का अधिवेशन: विदिशा में होगा प्रदेश स्तरीय आयोजन, बीमारियों पर चिंतन करेंगे 500 से अधिक डॉक्टर

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विदिशा5 घंटे पहले
विदिशा में पहली बार प्रदेश स्तरीय शिशु रोग चिकित्सकों का अधिवेशन आयोजित होने जा रहा है जिसमें लगभग लगभग 500 चिकित्सक शामिल होगें शिशु मृत्यु दर , बाल मृत्यु दर सहित अन्य विषयों को लेकर चर्चा करने के साथ इन मृत्यु दरो को कम करने पर चिंतन किया जायेगा । इसी कार्यक्रम को लेकर आज प्रेस क्लब विदिशा में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन इंटीग्रेटेड एकेडमी ऑफ पेट्रियोटिक वेलफेयर सोसाइटी के माध्यम से किया गया । आयोजन समिति के चेयरपर्सन डॉ एनके जैन ने बताया कि विदिशा में 11 12 और 13 नवंबर को एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
जिसमें लगभग 500 डॉक्टर भाग ले रहे हैं इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है कि बच्चों की मृत्यु दर को कम करना उनको बीमारियों से निजात दिलाना , नई बीमारियों के का इलाज करना बच्चों को जो जलन समस्या आ रही है उन समस्याओं का निराकरण करना । प्रीति अग्रवाल प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि विदिशा में पहली बार राज्य स्तरीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है 10 तारीख से 13 तारीख तक यह आयोजन कि जाएंगे इससे पहले 10 तारीख को दो कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें स्कूली बच्चों को खून की कमी और कुपोषण से रोकथाम एवं युवा तथा प्रौड़ अवस्था के बच्चों में जानलेवा बीमारी रक्षक टीकाकरण विषय विशेषज्ञ यूनीसेफ़ के पोषण सलाहकार डॉक्टर ए के रावत तथा डॉक्टर एम के जैन एवं डॉक्टर दीपक उईके द्वारा दिया जाएगा।
दूसरा 25 पुलिस आरक्षकों और 25 रिक्शा चालको को बेसिक लाइफ सपोर्ट जानकारी दी जाएगी और उनको ट्रेनिंग दी जाएगी यदि रास्ते में उन्हें कोई भी व्यक्ति बेहोश है या सड़क पर पड़ा हुआ है ऐसे समय में वह उस व्यक्ति की मदद कर सकता है इसके लिए उन्हें विषय विशेषज्ञों डॉक्टर स्वेता आनंद , डॉक्टर भारती शर्मा , डॉक्टर दिनेश मेकले एवं डॉक्टर अम्बर कुमार द्वारा मेडिकल कॉलेज में ट्रेनिंग दी जाएगी।
11 नवम्बर को मेडिकल कॉलेज में शिशु चिकित्सा क्षेत्र में पदार्पण करने वाले युवा चिकित्सको को चिकित्सा जगत की बहु उपयोगी एडवांस नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम , बच्चों का समय सामयिक विकास , नॉन इन्वेसिव वेंटिलेशन , बच्चों की सघन चिकित्सा में उपयोगी प्रक्रियाओं के सबंधं में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि युवा शिशु रोग विशेषज्ञ अपने चिकित्सकीय भविष्य की शुरुआत से ही नवजात और शिशु तथा बच्चों को असामयिक काल कवलित होने से बचा सके।
मुख्य वार्षिक अधिवेशन 12 ,13 नवम्बर को आयोजित होगा जिसमें नोवेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी एवं स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग द्वारा इंडीयन पीडीएट्रिक असोसीएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर रमेश कुमार और और डॉक्टर उपेन्द्र किंजवाडेकर तथा इंडीयन पीडीएट्रिक असोसीएशन के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर विनीत सक्सेना तथा कोषाध्यक्ष डॉक्टर समीर दलवई तथा प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर नीति अग्रवाल , सचिव डॉक्टर राजेश टिक्स और सभी अतिथियों की उपस्तिथि में किया जायेगा। आयोजन में जिला प्रशासन के अलावा मेडिकल कॉलेज और प्रायवेट डॉक्टर भी सहभागिता करेगें । अधिवेशन में बच्चों की जटिल बीमारीयो तथा उनका त्वरित उपचार सम्बन्धी अन्वेषणों के ताजा जानकारी दी जायेगी और विशलेषण किया जायेगा ताकि शिशु और बाल मृत्यु दरो को नियंत्रित कर उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित रखा जा सके और भारत के भविष्य को संरक्षित किया जा सके।
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